बेंगलुरु में कार से निकला 9 करोड़ का कैश, 500-500 के नोटों से भरा था सूटकेस; दो युवक हिरासत में

बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में कार से करोड़ों रुपए नकद मिलने के बाद हड़कंप मच गया। एक हुंडई क्रेटा कार से करीब 9 करोड़ रुपए कैश बरामद किए गए हैं। बताया जा रहा है कि यह रकम 500-500 रुपए के नोटों में रखी गई थी। आयकर विभाग ने नकदी से भरा सूटकेस जब्त कर लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, कार में सवार दोनों लोग इतनी बड़ी रकम से जुड़े दस्तावेज या संतोषजनक हिसाब नहीं दे पाए। इसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया और उनसे पूछताछ की गई। मामले में आगे की जांच आयकर विभाग और पुलिस की ओर से की जा रही है।
18 अगस्त को मिली थी कैश की सूचना
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला 18 अगस्त का है। बेंगलुरु स्थित आयकर विभाग की यूनिट-22 से पुलिस को एक कार में बड़ी मात्रा में नकदी ले जाने की सूचना मिली थी। बताया गया कि आयकर विभाग के उप निदेशक जगदीश ने पुलिस को जानकारी दी थी कि एक हुंडई क्रेटा कार में भारी मात्रा में नकदी ले जाई जा रही है। कार का नंबर KL 20 T 8629 बताया गया है। सूचना के मुताबिक, कार बेंगलुरु से तमिलनाडु के होसुर की तरफ जा रही थी। इसके बाद पुलिस ने वाहन को रोकने के लिए कार्रवाई शुरू की।
टोल प्लाजा के पास पुलिस ने कार रोकी
रात करीब 10:30 बजे इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी पुलिस स्टेशन की गश्ती टीम ने कार को होसुर रोड पर रोक लिया। पुलिस ने बताया कि वाहन को इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा के आगे एक सिग्नल के पास रोका गया। कार को रोकने के बाद उसमें मौजूद दोनों लोगों को वाहन समेत पुलिस स्टेशन लाया गया। इसके बाद आयकर विभाग के अधिकारियों को भी मामले की जानकारी दी गई। जांच के दौरान कार में मौजूद सामान की तलाशी ली गई। इसी तलाशी में पुलिस और आयकर अधिकारियों को एक सूटकेस मिला, जिसके अंदर बड़ी मात्रा में नकदी रखी हुई थी।
सूटकेस खुलते ही सामने आया करोड़ों का कैश
आयकर अधिकारियों ने जब सूटकेस की जांच की तो उसमें करीब 9 करोड़ रुपए नकद मिले। शुरुआती जानकारी के अनुसार, नकदी में ज्यादातर 500 रुपए के नोट शामिल थे। इतनी बड़ी रकम को लेकर अधिकारियों ने कार सवार लोगों से पूछताछ की। उनसे नकदी के स्रोत और इसे ले जाने से जुड़े दस्तावेज मांगे गए। हालांकि, पुलिस के अनुसार दोनों लोग रकम का संतोषजनक हिसाब नहीं दे पाए। इसके बाद आयकर विभाग ने पूरी नकदी को जब्त कर लिया और मामले की जांच शुरू कर दी।
जेब्रा क्रॉसिंग पर लेटकर बनाया वीडियो, इंदौर में Influencer की हरकत से ट्रैफिक थमा
कार सवार एक व्यक्ति की पहचान सचिन के रूप में
पुलिस के अनुसार, कार में मौजूद दो लोगों में से एक की पहचान 42 वर्षीय सचिन के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सचिन तमिलनाडु के थूथुकुडी स्थित सिंधु ज्वैलर्स से जुड़ा हुआ है। वहीं, दूसरे व्यक्ति की पहचान की जानकारी तत्काल स्पष्ट नहीं हो सकी। दोनों से अधिकारियों ने नकदी के बारे में पूछताछ की। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ दोनों की भूमिका और नकदी के स्रोत की जानकारी जुटाई जा रही है। आयकर अधिकारियों ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस भी मामले से जुड़े दस्तावेज और अन्य जानकारियां जुटा रही है।
तमिलनाडु में तलाशी के दौरान 1.3 करोड़ रुपए और मिले
मामला सिर्फ बेंगलुरु में बरामद 9 करोड़ रुपए तक सीमित नहीं रहा। जांच आगे बढ़ने के बाद आयकर विभाग ने तमिलनाडु में संदिग्धों से जुड़े कुछ परिसरों की तलाशी भी ली। तलाशी के दौरान वहां से करीब 1.3 करोड़ रुपए अतिरिक्त नकद बरामद होने की जानकारी सामने आई है। इस बरामदगी के बाद जांच एजेंसियों का फोकस अब नकदी के पूरे नेटवर्क और उसके स्रोत पर है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इतनी बड़ी रकम कहां से आई, इसे बेंगलुरु से तमिलनाडु क्यों ले जाया जा रहा था और इसमें किन लोगों की भूमिका हो सकती है।
10 करोड़ से ज्यादा कैश की जांच
बेंगलुरु की कार से मिले करीब 9 करोड़ रुपए और तमिलनाडु में तलाशी के दौरान मिले 1.3 करोड़ रुपए को मिलाकर बरामद नकदी की राशि 10 करोड़ रुपए से ज्यादा हो जाती है। इतनी बड़ी रकम बरामद होने के बाद आयकर विभाग ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अधिकारियों की नजर नकदी से जुड़े दस्तावेजों, बैंक लेनदेन, कारोबारी रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय जानकारी पर हो सकती है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले यह कहना जल्दबाजी होगी कि नकदी किसी अवैध गतिविधि से जुड़ी है। फिलहाल एजेंसियां रकम के स्रोत और उसके इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी जुटा रही हैं।
22 अगस्त को दर्ज हुआ मामला
पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, घटना 18 अगस्त को हुई थी। कार को रोकने और नकदी बरामद होने के बाद आरोपियों से पूछताछ की गई। जांच-पड़ताल के बाद 22 अगस्त को मामला दर्ज किया गया। अब पुलिस और आयकर विभाग मिलकर पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का मुख्य फोकस नकदी के स्रोत, इसे ले जाने की वजह और इसमें शामिल लोगों की भूमिका पता करने पर है।
आखिर किसके थे 9 करोड़ रुपए?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि कार में रखे 9 करोड़ रुपए आखिर किसके थे और इतनी बड़ी रकम एक साथ क्यों ले जाई जा रही थी? साथ ही यह भी जांच का विषय है कि तमिलनाडु में मिले अतिरिक्त 1.3 करोड़ रुपए का बेंगलुरु में बरामद रकम से क्या संबंध है। जांच एजेंसियां अब इन सभी सवालों के जवाब तलाश रही हैं।




















