Gen Z को साधने की तैयारी में BJP, नितिन नबीन समेत 5 नेताओं की खास टीम; युवाओं से होगा सीधा संवाद

भारतीय जनता पार्टी अब देश की नई पीढ़ी यानी Gen Z के साथ अपना जुड़ाव और मजबूत करने की तैयारी में है। इसके लिए पार्टी ने एक खास टीम बनाई है, जो देशभर के युवाओं से सीधे संवाद करेगी। इस टीम में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी और विनोद तावड़े के साथ गुजरात के मंत्री हर्ष सांघवी और छत्तीसगढ़ के मंत्री ओपी चौधरी को शामिल किया गया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस पहल का मकसद युवाओं की सोच, उनकी प्राथमिकताओं और उनकी परेशानियों को करीब से समझना है।
Gen Z से सीधे बात करेगी BJP
बीजेपी की यह पहल सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित रहने वाली नहीं है। पार्टी की योजना युवाओं के साथ आमने-सामने बातचीत करने की भी है। इसके लिए अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को पार्टी नेताओं से सीधे सवाल पूछने और अपनी राय रखने का मौका दिया जा सकता है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित Gen Z Outreach Programme के जरिए युवा पीढ़ी के साथ लगातार संवाद स्थापित करने की कोशिश होगी। इसमें रोजगार, शिक्षा, तकनीक, स्टार्टअप और डिजिटल अवसरों जैसे मुद्दों पर युवाओं की राय जानने पर जोर रहेगा।
टीम में कौन-कौन शामिल?
इस खास टीम में बीजेपी के पांच प्रमुख नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। इसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन सबसे अहम नाम हैं। उनके अलावा राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी और विनोद तावड़े को भी टीम में जगह मिली है। राज्यों से भी दो नेताओं को इस अभियान से जोड़ा गया है। गुजरात सरकार में मंत्री हर्ष सांघवी और छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री ओपी चौधरी इस टीम का हिस्सा होंगे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, टीम में इन नेताओं को शामिल करने का उद्देश्य संगठन के अनुभव और अलग-अलग राज्यों में युवाओं के साथ संपर्क को अभियान से जोड़ना है।
अगले महीने से शुरू हो सकता है अभियान
बीजेपी की यह नई पहल जल्द जमीन पर उतर सकती है। रिपोर्टों के मुताबिक, पार्टी अगले महीने से युवाओं के बीच आउटरीच कार्यक्रम शुरू करने की तैयारी कर रही है। हालांकि, कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा, तारीख और अलग-अलग जगहों पर होने वाले आयोजनों का विस्तृत शेड्यूल अभी सामने नहीं आया है। इस अभियान के तहत युवाओं के साथ बातचीत, चर्चा और दूसरे इंटरैक्टिव कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है। पार्टी का फोकस सिर्फ अपनी बात युवाओं तक पहुंचाने पर नहीं, बल्कि उनकी बात सुनने पर भी रहेगा।
कॉलेज और यूनिवर्सिटी तक पहुंचने की तैयारी
Gen Z तक पहुंच बनाने के लिए बीजेपी की रणनीति का एक बड़ा हिस्सा कॉलेज और यूनिवर्सिटी आउटरीच भी है। इससे पहले सामने आई जानकारी के मुताबिक, पार्टी के सांसद, विधायक और वरिष्ठ नेता कॉलेज, यूनिवर्सिटी और कोचिंग संस्थानों में जाकर छात्रों से बातचीत कर सकते हैं। इस दौरान युवाओं से उनके करियर, शिक्षा, रोजगार और दूसरे मुद्दों पर राय लेने की योजना है। पार्टी की कोशिश युवाओं के साथ एकतरफा संवाद के बजाय दोतरफा बातचीत बढ़ाने की है। यानी नेता अपनी बात कहने के साथ-साथ युवाओं के सवाल और सुझाव भी सुनेंगे।
पहली बार वोट देने वाले युवा भी फोकस में
इस पूरी रणनीति में पहली बार वोट डालने वाले युवाओं की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। Gen Z की बड़ी आबादी आने वाले समय में पहली बार मतदान करने वाली है। ऐसे में राजनीतिक दलों के लिए इस वर्ग तक पहुंच बनाना महत्वपूर्ण हो गया है। बीजेपी के प्रस्तावित अभियान में युवाओं की आकांक्षाओं और उनकी चिंताओं को समझने पर जोर दिया जा रहा है। रोजगार और शिक्षा के साथ तकनीक, स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल दुनिया में अवसर जैसे विषय भी चर्चा का हिस्सा बन सकते हैं।
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नई राष्ट्रीय टीम के ऐलान के बाद सामने आई पहल
बीजेपी की Gen Z रणनीति ऐसे समय में सामने आई है, जब पार्टी ने हाल ही में अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान किया है। 17 अगस्त को नितिन नबीन ने पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा की थी। इसके कुछ ही दिनों बाद युवाओं के लिए खास आउटरीच टीम की जानकारी सामने आई है। इससे पहले नितिन नबीन खुद भी युवाओं के साथ संवाद कार्यक्रमों में शामिल हो चुके हैं। 18 अगस्त को विशाखापत्तनम में उन्होंने युवाओं से बातचीत की थी, जहां शिक्षा, नई शिक्षा नीति, परीक्षा सुधार और उद्यमिता जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
क्यों अहम है BJP का Gen Z कनेक्ट?
सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय नई पीढ़ी के साथ राजनीतिक दलों का संवाद लगातार बदल रहा है। बीजेपी भी अब युवाओं तक सिर्फ पारंपरिक राजनीतिक कार्यक्रमों के जरिए पहुंचने के बजाय सीधे बातचीत और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल बढ़ाने पर जोर दे रही है। पार्टी की यह रणनीति ऐसे समय में सामने आई है, जब युवाओं के मुद्दे राजनीति में लगातार ज्यादा चर्चा का हिस्सा बन रहे हैं। ऐसे में Gen Z की प्राथमिकताओं को समझना और उनके साथ सीधा संपर्क बनाना बीजेपी की संगठनात्मक और राजनीतिक रणनीति का अहम हिस्सा बन सकता है। फिलहाल पार्टी की नई टीम अभियान की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने की दिशा में काम कर रही है।





















