जयपुर में NTA सेंटर पर बिजली गुल, आयुष पीजी एंट्रेंस परीक्षा प्रभावित; छात्रों का हंगामा

राजस्थान के जयपुर में ऑल इंडिया आयुष पीजी एंट्रेंस परीक्षा के दौरान बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। सत्य साईं कॉलेज में NTA की ओर से आयोजित ऑनलाइन परीक्षा के बीच बिजली गुल होने से अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई छात्र परीक्षा बीच में छोड़कर बाहर आ गए, जबकि दूसरी पारी की परीक्षा भी समय पर शुरू नहीं हो सकी।
परीक्षा के बीच गुल हुई बिजली
सत्य साईं कॉलेज में पहली पारी की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित होनी थी। परीक्षा शुरू होने के करीब 15 मिनट बाद, यानी लगभग 10:15 बजे बिजली चली गई। बिजली आपूर्ति बाधित होने से ऑनलाइन परीक्षा प्रभावित हुई और अभ्यर्थियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली गुल होने के बाद परीक्षा केंद्र पर व्यवस्था बहाल करने की कोशिश की गई लेकिन समस्या जल्द दूर नहीं हो सकी। इसका असर दूसरी पारी की परीक्षा पर भी पड़ा।
दूसरी पारी के छात्रों को घंटों करना पड़ा इंतजार
दूसरी पारी में भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। अभ्यर्थियों को दोपहर 1 बजे से 2:30 बजे तक परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जाना था लेकिन बिजली की समस्या के कारण ऑनलाइन परीक्षा शुरू नहीं हो पाई। बताया गया कि करीब 3 बजे तक भी कई अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र के बाहर इंतजार करते रहे। लंबे समय तक परीक्षा शुरू नहीं होने से छात्रों में नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने सेंटर पर हंगामा किया।
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जनरेटर में डीजल नहीं, दूसरा भी नहीं चला
मामले में सबसे बड़ा सवाल परीक्षा केंद्र की बिजली बैकअप व्यवस्था को लेकर उठ रहा है। बिजली जाने के बाद कॉलेज के जनरेटर को चालू करने की कोशिश की गई, लेकिन उसमें डीजल ही नहीं था। इसके बाद दूसरा जनरेटर मंगवाया गया, लेकिन तकनीकी समस्या के कारण वह भी शुरू नहीं हो सका। स्थिति संभालने के लिए तीसरा जनरेटर भी मंगवाया गया लेकिन उससे भी तत्काल बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी।
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छात्रों में नाराजगी, परीक्षा व्यवस्था पर सवाल
ऑनलाइन परीक्षा के लिए बिजली और बैकअप की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से अभ्यर्थियों को परेशानी उठानी पड़ी। पहली पारी में परीक्षा प्रभावित होने के बाद दूसरी पारी के अभ्यर्थियों को भी लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। घटना के बाद परीक्षा केंद्र की तैयारियों और NTA की परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षा के लिए बिजली और वैकल्पिक व्यवस्था पहले से सुनिश्चित होनी चाहिए थी। अब यह देखना होगा कि परीक्षा प्रभावित होने वाले अभ्यर्थियों के लिए NTA की ओर से क्या कदम उठाया जाता है और क्या परीक्षा को लेकर कोई नई व्यवस्था या दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं।





















