PU Special :फैमिली कोर्ट की काउंसलिंग का असर, 9 महीने में 3 NRI कपल ने बचाया अपना रिश्ता

भोपाल फैमिली कोर्ट की काउंसलिंग से 9 महीने में 3 NRI कपल दोबारा साथ आए। आमने-सामने बातचीत और पुराने गिले-शिकवे भूलकर दंपतियों ने रिश्ते को एक और मौका दिया।
फैमिली कोर्ट की काउंसलिंग का असर, 9 महीने में 3 NRI कपल ने बचाया अपना रिश्ता
फैमिली कोर्ट की काउंसलिंग का असर

पल्लवी वाघेला, भोपाल। विदेश में रहने की मजबूरी कई बार पति-पत्नी के बीच सिर्फ भौगोलिक दूरी ही नहीं बढ़ाती, बल्कि धीरे-धीरे रिश्तों में भावनात्मक फासला भी पैदा कर देती है। लंबे समय तक अलग रहने, बातचीत बंद होने और पुराने विवादों के चलते कई दंपति एक-दूसरे से दूर होते चले जाते हैं। लेकिन भोपाल फैमिली कोर्ट में इस साल सामने आए तीन मामलों में काउंसलिंग और आमने-सामने संवाद की कोशिश ने रिश्तों को एक बार फिर संभालने का रास्ता खोला। जनवरी से अब तक नौ महीनों में NRI दंपतियों से जुड़े तीन मामलों में फैमिली कोर्ट के काउंसलर्स ने पति-पत्नी को संवाद का मौका दिया। किसी मामले में पति ने पत्नी और उसके परिवार के नंबर ब्लॉक कर दिए थे, तो किसी मामले में विदेश में नौकरी करने वाली पत्नी ने पति से बातचीत तक बंद कर दी थी। वहीं एक मामले में पति लंबे समय से पत्नी को अपने साथ विदेश ले जाने से बच रहा था। काउंसलिंग के दौरान जब दोनों पक्ष आमने-सामने बैठे और पुराने आरोपों के बजाय रिश्ते की शुरुआत, साथ बिताए अच्छे समय और बच्चों के भविष्य पर बात हुई तो कई सालों से जमी नाराजगी कम होती गई। तीनों मामलों में दंपतियों ने रिश्ते को एक और मौका देने पर सहमति जताई।

तीन साल बाद आमने-सामने आए पति-पत्नी

पहला मामला भोपाल निवासी महिला और इंदौर निवासी युवक का है। दोनों की शादी 15 फरवरी 2019 को हुई थी। शादी के करीब आठ महीने बाद पत्नी अपने पति के साथ रहने के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंची। हालांकि वहां रहने के दौरान दोनों के बीच विवाद बढ़ने लगे और पत्नी वापस भोपाल लौट आई। इसके बाद पति ने पत्नी और उसके परिजनों के फोन नंबर ब्लॉक कर दिए। बातचीत पूरी तरह बंद हो गई। पत्नी ने फैमिली कोर्ट में भरण-पोषण का आवेदन दायर किया। कोर्ट की ओर से लगातार कॉल कांफ्रेंसिंग और समन जारी किए जाने के बाद पति आखिरकार जनवरी में भोपाल आया। काउंसलिंग के दौरान बातचीत आगे बढ़ी तो एक दिलचस्प बात सामने आई कि करीब 20 दिन बाद दोनों की शादी की सालगिरह थी। काउंसलर्स ने दंपति को सलाह दी कि वे इस खास दिन को साथ बिताने की कोशिश करें और एक-दूसरे के साथ बिना पुराने विवादों के समय गुजारें। दंपति ने इस सलाह पर अमल किया। इसके बाद दोनों ने कोर्ट को बताया कि वे दोबारा साथ रहना चाहते हैं। पति ने पत्नी का वीजा रिन्यू कराने और उसे अपने साथ ऑस्ट्रेलिया ले जाने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही।

विदेश गई पत्नी ने पति से बातचीत तक बंद कर दी

दूसरा मामला भी लंबे समय से अलग रह रहे एक NRI दंपति का था। पति ने शिकायत में बताया कि पत्नी की विदेश में नौकरी लगने के बाद शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य था, लेकिन धीरे-धीरे दोनों के बीच विवाद बढ़ने लगे। पति का कहना था कि पत्नी फोन पर भी बहस करने लगी थी। वह न तो पति और बेटे को अपने पास बुलाने की कोशिश कर रही थी और न ही भारत लौटने के लिए तैयार थी। फैमिली कोर्ट की लगातार कोशिशों के बाद पत्नी भोपाल पहुंची। काउंसलिंग के दौरान दोनों को एक ही कमरे में बैठाया गया लेकिन शुरुआत में पत्नी पति की ओर देखकर बात करने के बजाय मुंह मोड़कर बैठी रही। काउंसलर ने दोनों को पुराने आरोपों और शिकायतों को दोहराने के बजाय शादी के शुरुआती दिनों और साथ बिताए अच्छे पलों के बारे में बात करने को कहा। साथ ही उनके बेटे के भविष्य को भी चर्चा का हिस्सा बनाया गया। बातचीत के दौरान दोनों ने माना कि संवाद खत्म होना विवाद बढ़ने की बड़ी वजह बना। इसके बाद पत्नी ने विदेश वापस जाने के बजाय फिलहाल भारत में रहकर काम करने का फैसला किया।

पति नहीं बुला रहा था पत्नी को कनाडा

तीसरे मामले में पति लंबे समय से कनाडा में नौकरी कर रहा था। पत्नी की शिकायत थी कि पति उसे अपने पास नहीं बुला रहा है और उसके लिए पर्याप्त समय भी नहीं निकालता। दूसरी ओर पति का कहना था कि पत्नी उसकी परिस्थितियों और नौकरी से जुड़ी मजबूरियों को समझ नहीं रही है। अलग रहने के दौरान दोनों के बीच बातचीत लगभग बंद हो गई थी। फैमिली कोर्ट की काउंसलिंग में दोनों के बीच वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कई बैठकें हुईं। धीरे-धीरे बातचीत आगे बढ़ी और दोनों ने अपने मतभेदों पर चर्चा शुरू की। इसके बाद पति अगस्त में भारत आया। दोनों ने आमने-सामने बातचीत कर अपने विवाद खत्म करने पर सहमति बनाई। अब पति ने पत्नी को अपने साथ कनाडा ले जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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काउंसलिंग में बातचीत को दिया जा रहा है सबसे ज्यादा महत्व

फैमिली कोर्ट के इन मामलों में एक बात समान रही कि विवाद बढ़ने के साथ पति-पत्नी के बीच बातचीत लगभग खत्म हो गई थी। काउंसलिंग में इसी संवाद को दोबारा शुरू करने की कोशिश की गई। काउंसलर्स ने दंपतियों को पुराने आरोपों पर अटकने के बजाय यह सोचने के लिए प्रेरित किया कि रिश्ते की शुरुआत कैसे हुई थी, साथ रहते हुए किन अच्छे अनुभवों से वे गुजरे और आगे परिवार का भविष्य किस तरह बेहतर बनाया जा सकता है। कई मामलों में आमने-सामने बैठकर बात करना संभव नहीं होने पर वीडियो कांफ्रेंसिंग और कॉल जैसे माध्यमों का सहारा भी लिया जाता है।

विदेश की दूरी के साथ बढ़ती है भावनात्मक दूरी

फैमिली कोर्ट की काउंसलर शैल अवस्थी के मुताबिक NRI दंपतियों के मामलों में भौगोलिक दूरी के साथ भावनात्मक दूरी भी बढ़ सकती है। विदेश का अलग माहौल, काम का दबाव, पति-पत्नी की आपसी अपेक्षाएं और परिवार से जुड़े मतभेद कई बार छोटी बातों को बड़े विवाद में बदल देते हैं। उनका कहना है कि जब बातचीत कम हो जाती है तो गलतफहमियां बढ़ने लगती हैं और दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात तक सीमित रह जाते हैं। ऐसे में काउंसलिंग के दौरान दोनों को एक-दूसरे की बात सुनने और पुराने विवादों से आगे देखने का मौका दिया जाता है। काउंसलर के मुताबिक जब पति-पत्नी पुराने आरोपों की जगह रिश्ते की अच्छी यादों, बच्चों के भविष्य और आगे की जिंदगी को लेकर बात करते हैं तो सुलह की गुंजाइश बनती है। इसी वजह से फैमिली कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग या दूसरे माध्यमों से दोनों पक्षों के बीच संवाद कायम कराने की कोशिश की जाती है।

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नौ महीने में तीन रिश्तों को मिला नया मौका

भोपाल फैमिली कोर्ट में इस साल अब तक सामने आए इन तीन मामलों में काउंसलिंग के बाद दंपतियों ने अलग रहने के बजाय रिश्ते को दोबारा मौका देने का फैसला किया। एक दंपति ने पत्नी को ऑस्ट्रेलिया ले जाने की प्रक्रिया शुरू की, दूसरे मामले में पत्नी ने भारत में रहकर काम करने का निर्णय लिया और तीसरे मामले में पति ने पत्नी को कनाडा ले जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। इन मामलों में यह भी सामने आया कि कई बार लंबे विवाद के पीछे कोई एक बड़ा कारण नहीं बल्कि बातचीत का टूटना और दूरी का लगातार बढ़ना होता है। ऐसे में समय रहते संवाद शुरू हो तो रिश्ते को संभालने की गुंजाइश बनी रह सकती है।

Sumit  Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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