Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कॉर्पोरेट बॉन्ड रेपो क्लियरिंग प्लेटफॉर्म लॉन्च किया, भारतीय कंपनियां अब सीधे GIFT IFSC पर लिस्टि हो सकेंगी

Follow on Google News
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कॉर्पोरेट बॉन्ड रेपो क्लियरिंग प्लेटफॉर्म लॉन्च  किया, भारतीय कंपनियां अब सीधे GIFT IFSC पर लिस्टि हो सकेंगी
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारामण ने शुक्रवार को कॉर्पोरेट बॉन्ड के लिए एएमसी रेपो क्लियरिंग लिमिटेड (ARCL) और कॉर्पोरेट डेट मार्केट डेवलपमेंट फंड (CDMDF) लॉन्च किया है। इस दौरान निर्मला सीतारमण ने कहा कि यूनिक म्‍यूचुअल फंड निवेशकों की संख्‍या भी तेजी से बढ़ी है। बता दें कि कार्यक्रम का आयोजन मुंबई के सांताक्रूज के ताज होटल में आयोजित किया गया। इससे पहले वित्तीय बाजार नियामक SEBI ने कॉर्पोरेट डेट मार्केट डेवलपमेंट फंड (CDMDF) के लिए एक विस्तृत फ्रेमवर्क भी पेश किया था।

भारतीय कंपनियां अब विदेशी बाजारों में सीधे लिस्‍टिड हो सकेंगी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सिक्युरिटीज की डायरेक्‍ट लिस्टिंग को फॉरेन ज्यूरिडिक्शन में कराने की मंजूरी दे दी गई है। इसके साथ ही भारतीय कंपनियां अब सीधे GIFT IFSC पर लिस्‍ट हो सकेगी। वित्‍त मंत्री ने यह ऐलान मुंबई में कॉर्पोरेट बॉन्‍ड रेपो क्लियरिंग प्‍लेटफॉर्म लॉन्‍च करने के मौके पर किया है। उन्‍होंने कहा कि भारत का फाइनेंशियल मार्केट कई मामलों में दुनिया में ट्रेड सेंटर है। https://twitter.com/nsitharamanoffc/status/1684817638160289792?s=20

वित्त मंत्री का संबोधन

  • देश का कैपिटल मार्केट कई तरह के ट्रेड के लिए ट्रेंडसैटर बनकर उभरा है।
  • हम कैपिटल मार्केट के लिए तेजी से सैटलमेंट के कार्यों को पूरा कर पा रहे हैं।
  • देश में रिटेल डीमैट खातों की संख्या साल 2013 के 2 करोड़ से बढ़कर, इस साल 11.4 करोड़ पर आ गई है। जो शेयर बाजार के लिए बड़ा आंकड़ा है।
  • वित्तीय नियामकों के पास कई तरह के रेगुलेशन के लिए भारी काम और जिम्मेदारी होती है।
  • टाइट रेगुलेशन और पूरी तरह रेगुलेशन करना जरूरी होता है, लिहाजा सभी वित्तीय बाजार के लिए टेक इनेबल्ड सिस्टम का यूज होना चाहिए।
  • आत्मनिर्भर भारत के लिए रेगुलेटर्स का सजग होना जरूरी है, इसके जरिए एक अनुकूल माहौल बनाया जा सकता है।
  • बाजार की स्थिरता के लिए भरोसे का होना बेहद जरूरी है। बाजार, रेगुलेटर, सरकार, नीति निर्माताओं और लेजिसलेटर सभी को मिलकर एक अनुकूल माहौल बनाने की जरूरत है।
  • देश में इस दिशा में काम हो रहा है और शेयर बाजार में लगातार बढ़ रही निवेशकों की रुचि और उत्सुकता को बनाए रखा जा रहा है।
ये भी पढ़ें- Delhi Murder Case : मालवीय नगर में दिनदहाड़े कॉलेज के बाहर लड़की पर रॉड से हमला, मौके पर दम तोड़ा; इलाके में फैली सनसनी
Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

Latest Posts