Manisha Dhanwani
27 Jan 2026
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से बड़ी खबर है। बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को योगी आदित्यनाथ सरकार ने निलंबित कर दिया है। अलंकार ने गणतंत्र दिवस पर नाराजगी जताते हुए अपना इस्तीफा सौंपा था। अब उनकी जांच मंडलायुक्त बरेली करेंगे। जांच के दौरान वह DM कार्यालय शामली से अटैच रहेंगे।
निलंबन के बाद अलंकार अग्निहोत्री ने सरकारी आवास खाली कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें डीएम ने बातचीत के लिए बुलाया था। इसके साथ ही अलंकार ने बरेली जिला प्रशासन पर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं।
निलंबन के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अलंकार से फोन पर बात की और उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि उनके साथ जो हुआ, वह गलत है। शंकराचार्य ने यह भी कहा कि अलंकार अग्निहोत्री ने सनातन धर्म के प्रति अपनी निष्ठा का प्रदर्शन किया है, जिसकी पूरी सनातनी समाज सराहना करता है।
अलंकार अग्निहोत्री ने UGC के नए नियमों और शंकराचार्य से जुड़े मामले पर नाराजगी जताते हुए 26 जनवरी को सेवा से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने नए नियमों को 'काला कानून' बताया और कहा कि ये नियम कॉलेज और विश्वविद्यालयों में जाति आधारित भेदभाव रोकने की बजाय शैक्षणिक वातावरण को दूषित कर रहे हैं।
अलंकार अग्निहोत्री ने राज्यपाल और बरेली के जिलाधिकारी को ईमेल के माध्यम से इस्तीफा भेजा। नेताओं का कहना है कि यह इस्तीफा प्रशासनिक दबाव का संकेत है। बरेली के महापौर डॉ. उमेश गौतम भी शाम को अग्निहोत्री के आवास पहुंचे।
अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि जब सरकारें ऐसी नीतियां अपनाती हैं जो समाज और राष्ट्र को विभाजित करती हैं, तो नागरिकों के लिए जागरूक होना आवश्यक हो जाता है।
अलंकार अग्निहोत्री, PCS 2019 बैच के अधिकारी, पहले उन्नाव, बलरामपुर और लखनऊ समेत कई जिलों में एसडीएम रह चुके हैं। उन्हें अपने स्पष्ट विचार और सख्त कार्यशैली के लिए जाना जाता है।