Naresh Bhagoria
26 Jan 2026
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में सोमवार तड़के एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। कोलकाता के बाहरी क्षेत्र में स्थित एक थर्मोकोल गोदाम में लगी भीषण आग में अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। कई घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आग पर काबू पाया जा सका, जबकि प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है।
यह हादसा नाजिराबाद इलाके में हुआ, जो नरेंद्रपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। सोमवार सुबह करीब तीन बजे गोदाम में आग लगने की सूचना मिली। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं।
बारुईपुर पुलिस जिला के एसपी के अनुसार, आग इतनी भीषण थी कि उसे काबू में करने में लगभग सात घंटे लग गए। आग बुझाने के लिए कुल 12 दमकल गाड़ियों को लगाया गया। सुबह करीब 10 बजे स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सका।
आग बुझने के बाद जब तलाशी अभियान चलाया गया तो गोदाम के भीतर से सात शव बरामद किए गए। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक शव बुरी तरह झुलस चुके हैं, जिससे मृतकों की पहचान करना बेहद मुश्किल हो रहा है। यह गोदाम कोल्ड ड्रिंक और पैकेज्ड खाद्य सामग्री के भंडारण के लिए इस्तेमाल किया जाता था।
एसपी के अनुसार शुरुआती जानकारी में छह लोगों के लापता होने की सूचना मिली थी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वे सुरक्षित हैं या आग की चपेट में आ गए। मलबा पूरी तरह हटाने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे राज्य के बिजली मंत्री अरूप बिस्वास के मुताबिक गोदाम में भरे घने धुएं के कारण बचाव कार्य में काफी दिक्कतें आईं। धुआं बाहर निकालने के लिए कोलकाता नगर निगम की टीम को बुलाया गया, जिसने दीवारों को तोड़कर वेंटिलेशन की व्यवस्था की।
फिलहाल आग लगने के कारणों और हुए नुकसान का आकलन नहीं हो सका है। पुलिस और प्रशासन की टीमें मामले की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि फॉरेंसिक जांच और रिपोर्ट के बाद ही आग की असली वजह सामने आ पाएगी।