साउथ कोरिया ने ठुकराई डील…ट्रंप ने लगाया 25% टैरिफ, जानें क्या है पूरा विवाद?

वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया से आयात होने वाले कई सामानों पर टैरिफ 15% से बढ़ाकर 25% करने का ऐलान किया है। ट्रंप का कहना है कि, दक्षिण कोरिया की संसद ने 2025 में हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते को अभी तक मंजूरी नहीं दी, इसलिए यह कदम उठाना पड़ा।
कौन-सी वस्तुओं पर लागू होगा टैरिफ?
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि, टैरिफ बढ़ोतरी मुख्य रूप से इन वस्तुओं पर लागू होगी-
- ऑटोमोबाइल और ऑटो पार्ट्स
- लकड़ी और लकड़ी से बनी वस्तुएं
- दवाइयां (Pharmaceuticals)
- अन्य सभी सामान जिन पर पहले टैरिफ लागू था
ट्रंप का कहना है कि, अमेरिका ने सभी ट्रेड डील में अपने टैरिफों को व्यापार समझौते के मुताबिक घटाया था और अब वह उम्मीद करते हैं कि उनके व्यापारिक साझेदार भी ऐसा ही करें।
ट्रेड डील का इतिहास और विवाद
दोनों देशों के बीच जुलाई 2025 में एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौता हुआ था। इस समझौते के अनुसार, दक्षिण कोरिया अमेरिका में लगभग 350 अरब डॉलर का निवेश करेगा। बदले में अमेरिका ने कोरियाई सामान पर लगाए जाने वाले टैरिफ को 25% से घटाकर 15% करने की पेशकश की थी। अक्टूबर 2025 में यह समझौता फिर से दोहराया गया, लेकिन कोरियाई संसद ने इसे कानून के रूप में मंजूरी नहीं दी, जिससे समझौता लागू नहीं हो पाया।
इस पर ट्रंप ने कहा, हमारे ऐतिहासिक व्यापार समझौते को लागू करना कोरियाई संसद की जिम्मेदारी थी। अब हमें अपने अधिकार के तहत कदम उठाना पड़ा। इस कदम से यह स्पष्ट हो गया है कि, अमेरिका अपने व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए कड़ा रुख अपनाने को तैयार है।
आर्थिक और बाजार पर असर
टैरिफ बढ़ाने की खबर ने बाजारों में हलचल मचा दी है। दक्षिण कोरिया के ऑटो और फार्मा शेयरों में गिरावट देखने को मिली, और Hyundai, Kia समेत अन्य कंपनियों के शेयर पहले 2-4% तक नीचे गए, हालांकि बाद में कुछ स्थिरता भी आई।
विशेषज्ञों का कहना है कि, यदि यह टैरिफ लागू होता है, तो अमेरिका में कोरियाई सामानों की कीमत बढ़ सकती है। जिससे उपभोक्ता और कंपनियों दोनों पर असर पड़ेगा। विश्लेषकों का मानना है कि, यह कदम दोनों देशों के व्यापार संतुलन पर दबाव डालेगा और भविष्य में निवेश योजनाओं को प्रभावित कर सकता है।
वैश्विक और राजनीतिक संदर्भ
यह कदम ट्रंप प्रशासन की सख्त व्यापार नीति का हिस्सा है। इससे पहले भी ट्रंप ने कनाडा को चेतावनी दी थी कि, अगर वह चीन के साथ समझौता करता है, तो अमेरिका 100% टैरिफ लगाएगा।
इसके अलावा यह मामला अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में भी विचाराधीन है। यहां यह तय होना है कि, क्या राष्ट्रपति बिना संसद की मंजूरी के टैरिफ लगा सकते हैं।
साउथ कोरिया की प्रतिक्रिया
दक्षिण कोरिया जल्द ही अपनी संसद में समझौते को मंजूरी दिलाने का प्रयास करेगा। इसके साथ ही दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी व्यापार और निवेश को लेकर आगे बातचीत कर सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि, अगले कुछ महीनों में बाजार और निवेश पर दबाव बना रह सकता है। दक्षिण कोरिया ने कहा है कि, अमेरिका से आधिकारिक सूचना मिलने के बाद स्थिति का मूल्यांकन किया जाएगा।
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