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बाबा महाकाल बनेंगे दूल्हा!छबीना श्रृंगार से शिव तांडव तक, उज्जैन में 6-15 फरवरी की 'शिव नवरात्रि' क्यों खास?

उज्जैन के बाबा महाकाल मंदिर में इस वर्ष 6 से 15 फरवरी तक महाशिवरात्रि महापर्व का भव्य आयोजन होगा। 10 दिनों तक भगवान महाकाल के विभिन्न रूपों में पूजा, रुद्राभिषेक, जलधारी, भजन-कीर्तन और विशेष श्रृंगार अनुष्ठान होंगे।
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छबीना श्रृंगार से शिव तांडव तक, उज्जैन में 6-15 फरवरी की 'शिव नवरात्रि' क्यों खास?
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    बाबा महाकाल की नगरी इस वर्ष 6 फरवरी से 15 फरवरी तक महाशिवरात्रि महापर्व की भव्य तैयारियों में रंग-बिरंगी हो जाएगी। यह पर्व 10 दिनों तक चलेगा और हर दिन भगवान महाकाल के अलग-अलग दिव्य रूपों की पूजा की जाएगी। पहले दिन से ही भक्तों के लिए मंदिर खोले रहेंगे और जलधारी, स्नान, वस्त्र धारण और रुद्राभिषेक जैसे अनुष्ठान होंगे।

    पहले दिन बाबा महाकाल का दुशाला पहनाकर श्रृंगार किया जाएगा। दूसरे दिन उन्हें शेषनाग श्रृंगार पहनाया जाएगा। तीसरे दिन घटाघटा स्थापित होगा, जो शिवलिंग के समान होता है। चौथे दिन प्रभु का छवि दर्शन होगा। पांचवें दिन बाबा महाकाल को मन-महेश, उमा-महेश, शिव तांडव और होलकर रूप में सजाया जाएगा।

    विशेष पूजा और आरती

    महाशिवरात्रि के दिन 15 फरवरी को खास पूजा और अनुष्ठान होंगे। चारों पहर की पूजा और आरती होगी। रात में बाबा महाकाल का स्नान कराकर उन्हें दूल्हे के रूप में श्रृंगारित किया जाएगा। इस अवसर पर भक्तों के लिए मंदिर परिसर में नौ दिन तक भजन, कीर्तन और आरती का आयोजन रहेगा।

    मंदिर में तैयारियों का जायजा

    मंदिर प्रशासन ने महापर्व से पहले व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसमें मुख्य शिखर की सफाई, मंदिर परिसर का रंग-रोगन, कोटि तीर्थ कुंड की सफाई और स्वच्छता अभियान शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि ये कदम श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ नियंत्रण के लिए हैं।

    पूजा-अर्चना का कार्यक्रम

    महापर्व 2026 का उद्घाटन 6 फरवरी को कोटि तीर्थ में श्री कोटेश्वर महादेव की पूजा और भांग-चंदन श्रृंगार के साथ होगा। इसके बाद हर दिन अलग श्रृंगार और अनुष्ठान होंगे:

    • 7 फरवरी: नवीन वस्त्र श्रृंगार-  शिव नवरत्रि के दूसरे दिन भगवान महाकाल को नए वस्त्र पहनाकर श्रृंगार किया जाएगा और व विशेष पूजा-अर्चना होगी।
    • 8 फरवरी: शेषनाग श्रृंगार- साथ ही एकादश-एकादशनी रूद्रपाठ किया जाएगा।
    • 9 फरवरी: घटटोप श्रृंगार- इस दिन बाबा महाकाल को कटरा, दुपट्टा, मुकुट, मुण्डमाल, छत्र, माला एवं फल-फूल की माला पहनाई जाएगी।
    • 10 फरवरी: छबीना श्रृंगार- जिसमें भगवान को पीले रंग पहनाए जाएंगे।
    • 11-12 फरवरी: होल्कर और मनमहेश रूप- साथ ही नैवैद्य कक्ष में भगवान श्री चंद्रमोलेश्वर का पूजन भी किया जाएगा।
    • 13 फरवरी: उमा-महेश श्रृंगार- : ये शिव नवरात्रि का सातवां दिन रहेगा। इस दिन भगवान महाकाल का उमा-महेश स्वरूप में किया जाएगा। 
    • 14 फरवरी: शिव तांडव रूप- शिव नवरात्रि के नौवें दिन महाकाल शिव तांडव स्वरूप में दर्शन देंगे।

    15 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन भगवान महाकाल की निराकार अवस्था में पूजा होगी और शिवलिंग पर लगातार जल चढ़ाया जाएगा। भक्तों को लगभग 44 घंटे तक दर्शन करने का अवसर मिलेगा।

    सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन

    मंदिर प्रशासन ने बताया कि महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ सकती है। इस वजह से स्थानीय प्रशासन और पुलिस के साथ मिलकर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की जा रही है। सभी भक्त सुरक्षित, स्वच्छ और आध्यात्मिक अनुभव के साथ महापर्व में शामिल हो सकेंगे।

    10 दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में भक्तों के लिए हर दिन नए अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और विशेष श्रृंगार की झलक देखने को मिलेगी, जिससे महाकाल मंदिर की केंद्रीय भूमिका और भी मजबूत होगी। बाबा महाकाल का दूल्हा श्रृंगार भक्तों के लिए विशेष आकर्षण होगा।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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