Twisha Sharma Death Case:रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह ने फिर मांगी जमानत, 48 दिन से जेल में बंद; आज अदालत में होगी अहम सुनवाई

भोपाल। भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में एक बार फिर कानूनी हलचल तेज हो गई है। इस मामले में आरोपी बनाई गईं रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह ने दोबारा जमानत के लिए भोपाल जिला अदालत का दरवाजा खटखटाया है। सोमवार को उनकी ओर से जिला एवं सत्र न्यायालय में नई जमानत याचिका दाखिल की गई। इस आवेदन पर मंगलवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनीष कुमार श्रीवास्तव की अदालत में सुनवाई होगी। गिरिबाला सिंह पिछले 48 दिनों से न्यायिक हिरासत में जेल में हैं। ऐसे में अब अदालत का फैसला इस मामले की अगली कानूनी दिशा तय कर सकता है। इस सुनवाई पर मृतका के परिवार, जांच एजेंसियों और आम लोगों की भी नजरें टिकी हुई हैं।
क्या है पूरा मामला?
भोपाल की रहने वाली ट्विशा शर्मा की 12 मई की रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस घटना के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया। शुरुआती जांच के बाद कटारा हिल्स थाना पुलिस ने 14 मई को रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। घटना की गंभीरता और लगातार उठ रहे सवालों के कारण यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया।
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पहली बार मिली थी जमानत
FIR दर्ज होने के उसी दिन गिरिबाला सिंह की ओर से जिला अदालत में जमानत याचिका दायर की गई थी। अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 15 मई को जिला अदालत ने उन्हें जमानत दे दी थी। इस फैसले के बाद गिरिबाला सिंह को राहत मिल गई थी, लेकिन यह राहत ज्यादा समय तक नहीं टिक सकी।
हाई कोर्ट ने रद्द कर दी थी जमानत
जिला अदालत के फैसले से मृतकाट्विशा शर्मा के परिजन संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने जमानत आदेश को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में चुनौती दी। मामले की सुनवाई के बाद 27 मई को हाई कोर्ट ने जिला अदालत द्वारा दी गई जमानत को निरस्त कर दिया। हाई कोर्ट ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच जरूरी है। इसके बाद गिरिबाला सिंह की जमानत खत्म हो गई।
CBI ने संभाली जांच
हाई कोर्ट के आदेश के बाद मामले की जांच CBI के पास पहुंच गई। 28 मई को सीबीआई ने गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया। इस दौरान जांच एजेंसी ने उनसे कई दिनों तक पूछताछ की और मामले से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की जांच की। CBI ने मामले से जुड़े दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी जुटाईं।
मां-बेटे को भेजा गया जेल
पूछताछ पूरी होने के बाद 2 जून को सीबीआई ने गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को अदालत में पेश किया। अदालत ने दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। तब से दोनों जेल में बंद हैं। गिरिबाला सिंह को जेल में रहते हुए अब 48 दिन से अधिक समय हो चुका है।
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एक बार फिर जमानत की कोशिश
अब गिरिबाला सिंह ने दोबारा जमानत के लिए जिला अदालत में आवेदन दिया है। उनके वकील की ओर से सोमवार को नई जमानत याचिका दाखिल की गई। इस पर मंगलवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनीष कुमार श्रीवास्तव की अदालत में सुनवाई होगी। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और जांच एजेंसी दोनों अपनी-अपनी दलीलें अदालत के सामने रखेंगे। इसके बाद अदालत फैसला सुनाएगी कि गिरिबाला सिंह को जमानत दी जाए या नहीं।
सभी की नजर अदालत के फैसले पर
यह मामला पहले से ही प्रदेश के सबसे चर्चित मामलों में शामिल है। इसलिए जमानत याचिका पर होने वाली सुनवाई को लेकर लोगों की उत्सुकता भी बढ़ गई है। मृतका के परिजन चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच पूरी होने तक आरोपियों को राहत न मिले। वहीं बचाव पक्ष का कहना है कि कानूनी आधार पर जमानत मिलनी चाहिए।
आज की सुनवाई रहेगी अहम
मंगलवार को होने वाली सुनवाई इस मामले का महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है। यदि अदालत जमानत मंजूर करती है तो गिरिबाला सिंह को राहत मिल सकती है। वहीं यदि जमानत खारिज होती है तो उन्हें फिलहाल न्यायिक हिरासत में ही रहना होगा। अब सभी की नजर अदालत के फैसले पर टिकी है, क्योंकि यह आदेश इस चर्चित मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया पर असर डाल सकता है।











