Twisha Sharma Case:CBI ने मांगा लैपटॉप का पासवर्ड और वॉयस सैंपल, कोर्ट ने 14 जुलाई तक बढ़ाई न्यायिक हिरासत

भोपाल। मंगलवार की सुनवाई में सीबीआई ने डिजिटल साक्ष्यों की जांच और वैज्ञानिक परीक्षण को लेकर अदालत से आवश्यक अनुमति मांगी। बचाव पक्ष ने न्यायिक हिरासत बढ़ाने का विरोध किया, लेकिन अदालत ने सीबीआई के अनुरोध को स्वीकार कर लिया। वॉयस सैंपल और लैपटॉप पासवर्ड से जुड़े आवेदनों पर अब 3 जुलाई को सुनवाई होगी। इस बीच अदालत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल जांच से जुड़े बिंदुओं पर ही विचार किया जाएगा।
जांच के लिए लैपटॉप के पासवर्ड की मांग
सीबीआई ने अदालत को बताया कि आरोपी समर्थ सिंह का लैपटॉप पहले ही जांच एजेंसी के कब्जे में है, लेकिन वह पासवर्ड से सुरक्षित होने के कारण उसकी फॉरेंसिक जांच पूरी नहीं हो पा रही है। एजेंसी का कहना है कि लैपटॉप में मौजूद डिजिटल सामग्री जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। इसी वजह से अदालत से पासवर्ड उपलब्ध कराने की अनुमति मांगी गई है, ताकि इलेक्ट्रॉनिक सबूतों का तकनीकी विश्लेषण कर जांच को आगे बढ़ाया जा सके।
3 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
सीबीआई ने दोनों आरोपियों के वॉयस सैंपल लेने की अनुमति के लिए भी आवेदन प्रस्तुत किया। ट्विशा पक्ष के अधिवक्ता शुभांग दीक्षित के अनुसार, अदालत ने इस आवेदन पर तत्काल कोई आदेश पारित नहीं किया। न्यायालय ने पहले आरोपी पक्ष से जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अब इस मुद्दे पर 3 जुलाई को विस्तृत सुनवाई होगी, जिसके बाद अदालत आगे का निर्णय सुनाएगी।
अदालत ने सीबीआई की मांग को किया स्वीकार
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने मौखिक रूप से अदालत से आग्रह किया कि कथित चोरी के मामले में गिरीबाला सिंह को संबंधित थाना क्षेत्र ले जाकर यह दिखाया जाए कि आखिर कौन-कौन सा सामान चोरी हुआ है। इस पर सीबीआई ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि चोरी का मामला और ट्विशा प्रकरण अलग-अलग विषय हैं। एजेंसी ने दलील दी कि वर्तमान सुनवाई केवल ट्विशा केस की जांच से संबंधित है, इसलिए इस मांग पर विचार करना उचित नहीं होगा।
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अदालत ने बढ़ाई न्यायिक हिरासत
सीबीआई ने जांच की आवश्यकता बताते हुए दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ाने का अनुरोध किया। बचाव पक्ष ने इसका विरोध करते हुए कहा कि एजेंसी का आवेदन पहले दिए गए आवेदन की पुनरावृत्ति है और उसमें कोई नया तथ्य शामिल नहीं किया गया है। हालांकि अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सीबीआई की मांग स्वीकार कर ली और दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 जुलाई तक बढ़ाने का आदेश दिया।












