Twisha Sharma Death Case: आज VC से होगी गिरिबाला-समर्थ की पेशी, CBI पेश कर सकती है दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट

भोपाल। चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में मंगलवार की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। जिला अदालत में इस केस की सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) दूसरी पोस्टमॉर्टम की फॉरेंसिक रिपोर्ट पेश कर सकती है। इस रिपोर्ट को जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। वहीं, न्यायिक हिरासत में बंद रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे एडवोकेट समर्थ सिंह की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी होने की संभावना है। जांच की कानूनी समय सीमा भी पूरी होने वाली है, इसलिए आज की कार्यवाही को पूरे मामले में अहम मोड़ माना जा रहा है।
आज की सुनवाई पर सबकी नजर
भोपाल जिला कोर्ट में आज होने वाली सुनवाई कई वजहों से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस मामले की जांच कर रही सीबीआई अदालत के सामने अपनी जांच की प्रगति रख सकती है। साथ ही दिल्ली AIIMS से मिली दूसरी पोस्टमॉर्टम की अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट भी कोर्ट में पेश किए जाने की संभावना है। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट से मौत के कारणों को लेकर कई सवालों के जवाब मिल सकते हैं। इसी सुनवाई में आरोपी पक्ष की न्यायिक हिरासत पर भी अदालत फैसला ले सकती है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी आरोपियों की पेशी
मामले के दोनों आरोपी, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे एडवोकेट समर्थ सिंह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। पहले की तरह इस बार भी दोनों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में पेश किए जाने की संभावना है। अदालत जांच की प्रगति और CBI की रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय करेगी।
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दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट क्यों बनी अहम
ट्विशा शर्मा की मौत के बाद हुए पहले पोस्टमॉर्टम पर कई सवाल उठे थे। इसके बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दिल्ली AIIMS के मेडिकल बोर्ड से दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने का आदेश दिया था। मेडिकल बोर्ड ने वैज्ञानिक तरीके से जांच करने के साथ घटनास्थल का भी निरीक्षण किया। सूत्रों के अनुसार, मेडिकल बोर्ड ने अपनी अंतिम रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सीबीआई को सौंप दी है। हालांकि रिपोर्ट की आधिकारिक जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
वैज्ञानिक जांच से जुड़े अहम पहलू
जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि दूसरी फॉरेंसिक जांच में घटनास्थल से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्यों का परीक्षण किया गया है। इनमें इस्तेमाल हुई जिम बेल्ट और उससे जुड़े अन्य सबूत भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इन साक्ष्यों की जांच रिपोर्ट CBI की आगे की कार्रवाई में अहम भूमिका निभा सकती है। हालांकि अंतिम निष्कर्ष अदालत में पेश होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
मौत को लेकर दोनों पक्षों के अलग दावे
ट्विशा शर्मा 12 मई 2026 की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में मृत मिली थीं। ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया था, जबकि मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाया। इसी विवाद के बाद मामले की जांच पहले स्थानीय स्तर पर हुई और बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर CBI को सौंप दी गई। एजेंसी अब वैज्ञानिक साक्ष्यों और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
चालान दाखिल करने की समय सीमा भी अहम
CBI ने 25 मई 2026 को इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। कानून के अनुसार एजेंसी को तय समय के भीतर अदालत में चालान दाखिल करना होगा। यदि निर्धारित अवधि में चालान पेश नहीं किया जाता है तो आरोपी पक्ष डिफॉल्ट जमानत का दावा कर सकता है। यही वजह है कि आज की सुनवाई केवल फॉरेंसिक रिपोर्ट ही नहीं, बल्कि जांच की आगे की दिशा और कानूनी प्रक्रिया के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।











