Twisha Sharma Case :ट्विशा शर्मा मौत केस में AIIMS की दूसरी रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, जिम्नास्टिक बेल्ट पर मिले स्किन टिशू

भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच ने नया मोड़ ले लिया है। दिल्ली AIIMS के मेडिकल बोर्ड ने अपनी 11 पन्नों की फॉरेंसिक रिपोर्ट CBI को सौंप दी है। रिपोर्ट में कथित तौर पर फंदे के रूप में इस्तेमाल की गई जिम्नास्टिक बेल्ट पर स्किन टिशू मिलने की पुष्टि हुई है। जांच में ये टिशू ट्विशा शर्मा की गर्दन पर मिले चोट के निशानों से मेल खाते बताए गए हैं, जिससे CBI की जांच को नया आधार मिल सकता है।
AIIMS की दूसरी जांच में क्या मिला?
सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली AIIMS के मेडिकल बोर्ड ने हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के दौरान जिम्नास्टिक बेल्ट पर स्किन टिशू मिलने की पुष्टि की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये टिशू ट्विशा शर्मा की गर्दन पर मिले चोट के निशानों से मेल खाते हैं। मेडिकल बोर्ड ने अपनी 11 पन्नों की रिपोर्ट CBI को सौंप दी है। माना जा रहा है कि यह वैज्ञानिक साक्ष्य जांच में अहम भूमिका निभा सकता है।
पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्यों नहीं जुड़ पाए थे सबूत?
दरअसल, पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस जिम्नास्टिक बेल्ट और ट्विशा की चोटों के बीच कोई वैज्ञानिक संबंध स्थापित नहीं हो पाया था। इसका कारण यह था कि जांच अधिकारी पोस्टमार्टम के समय मेडिकल बोर्ड के सामने वह बेल्ट पेश करने में नाकाम रहे थे। इसके बाद, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश पर AIIMS दिल्ली के डॉक्टरों ने दोबारा जांच शुरू की।
AIIMS ने बताया कैसे तैयार की गई रिपोर्ट
AIIMS दिल्ली के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता ने कहा कि इस जांच में किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया गया। उनके मुताबिक, मेडिकल बोर्ड ने करीब एक महीने तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स का अध्ययन किया। सभी तथ्यों और वैज्ञानिक परीक्षणों के आधार पर विस्तृत राय तैयार कर CBI और न्यायपालिका को सौंपी गई है।
परिवार ने दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की
रिपोर्ट सामने आने के बाद ट्विशा शर्मा के माता-पिता ने एक बार फिर दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग दोहराई है। वहीं AIIMS के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता ने कहा कि मेडिकल बोर्ड ने लगभग एक महीने तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स का अध्ययन किया। हमने हर एंगल को परखने के बाद वैज्ञानिक तर्कों के साथ यह विस्तृत राय दी है। यह CBI और न्यायपालिका के लिए बिल्कुल साफ राय है। AIIMS की इस रिपोर्ट के बाद अब CBI आरोपियों के खिलाफ शिकंजा और कसने की तैयारी में है।












