Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

गरबा पर विश्व हिंदू परिषद का बड़ा फरमान! मुस्लिमों की एंट्री पर रोक, कहा- ‘मस्जिदों में करें गरबा’

महाराष्ट्र में नवरात्रि से पहले गरबा और डांडिया को लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने गरबा आयोजनों में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर सख्त रुख अपनाया है।
गरबा पर विश्व हिंदू परिषद का बड़ा फरमान! मुस्लिमों की एंट्री पर रोक, कहा- ‘मस्जिदों में करें गरबा’
गरबा-डांडिया कार्यक्रमों को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने नई गाइडलाइंस जारी की

मुंबई। महाराष्ट्र में इस साल नवरात्रि के दौरान होने वाले गरबा और डांडिया कार्यक्रमों को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने नई गाइडलाइंस जारी की हैं। संगठन ने कहा है कि गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में मुस्लिम समुदाय के लोगों को प्रवेश नहीं दिया जाना चाहिए। इसके लिए आयोजकों से कार्यक्रम में आने वाले लोगों की पहचान की जांच करने को कहा गया है।

VHP के अनुसार, नवरात्रि केवल मनोरंजन या डांस का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह देवी की पूजा और धार्मिक आस्था से जुड़ा त्योहार है। संगठन का कहना है कि गरबा और डांडिया आयोजनों की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखना जरूरी है। महाराष्ट्र में इस साल नवरात्रि उत्सव 11 अक्टूबर से शुरू होगा। त्योहार को देखते हुए राज्य के अलग-अलग शहरों में गरबा और डांडिया कार्यक्रमों की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं।

VHP ने मुस्लिमों की एंट्री पर रोक लगाने की बात कही

VHP के प्रवक्ता और संयुक्त सचिव श्रीराज नायर ने कहा कि संगठन ने नवरात्रि के दौरान होने वाले गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में मुस्लिम समुदाय के लोगों को शामिल नहीं करने का फैसला किया है। नायर ने कहा कि नवरात्रि का संबंध देवी की पूजा से है। उनके मुताबिक, गरबा और डांडिया को केवल संगीत और डांस का कार्यक्रम मानना सही नहीं है। यह हिंदू धार्मिक परंपरा और आस्था से जुड़ा आयोजन है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग मूर्ति पूजा की धार्मिक परंपरा को नहीं मानते, वे नवरात्रि से जुड़े ऐसे आयोजनों में क्यों शामिल हों।

खरगोन में गरबा खेलने के दौरान गिरी महिला, हार्ट अटैक से मौत, पति के साथ कर रही थी डांस, देखें LIVE VIDEO

आयोजकों को पहचान जांचने की सलाह

VHP ने गरबा और डांडिया कार्यक्रम आयोजित करने वाले आयोजकों के लिए कुछ सुझाव भी दिए हैं। संगठन ने कार्यक्रम में आने वाले लोगों की पहचान की जांच करने की बात कही है। इन सुझावों में आधार कार्ड की जांच, माथे पर तिलक लगाने और कलाई में कलावा बांधने जैसे उपाय शामिल हैं। संगठन का कहना है कि इन तरीकों से आयोजक यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोग हिंदू समुदाय से हैं। हालांकि, आधार कार्ड किसी व्यक्ति के धर्म की आधिकारिक पहचान नहीं है। इसलिए आयोजकों द्वारा पहचान जांचने के तरीके को लेकर अलग-अलग सवाल भी उठ सकते हैं।

VHP बोली- किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है फैसला

श्रीराज नायर ने इन नियमों को किसी खास समुदाय के खिलाफ कार्रवाई मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि VHP का उद्देश्य किसी व्यक्ति या समुदाय को निशाना बनाना नहीं है। संगठन का कहना है कि ये कदम केवल नवरात्रि और उससे जुड़े धार्मिक आयोजनों की पहचान को सुरक्षित रखने के लिए सुझाए गए हैं। VHP के मुताबिक, हिंदू त्योहारों की परंपराओं और सांस्कृतिक स्वरूप को बनाए रखना जरूरी है। नायर ने यह भी कहा कि VHP धर्म परिवर्तन और गोहत्या के खिलाफ अपने प्रमुख मुद्दों पर अपना रुख कायम रखेगी।

गरबा पंडाल में फिर घुसा जिहादी-नाम बदल कर की इंट्री ,बजरंग दल ने पहुँच कर दी पिटाई

'हिंदू त्योहारों की सांस्कृतिक पहचान कमजोर नहीं होने देंगे'

VHP का कहना है कि नवरात्रि जैसे त्योहार हिंदू समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। संगठन का मानना है कि इन त्योहारों के मूल स्वरूप और परंपराओं को बनाए रखने की जिम्मेदारी समाज की भी है। इसी आधार पर VHP ने गरबा और डांडिया आयोजकों से सावधानी बरतने की अपील की है। संगठन का कहना है कि आयोजकों को कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों पर नजर रखनी चाहिए और अपनी धार्मिक परंपराओं के अनुसार आयोजन करना चाहिए।

VHP ने कहा- 'अपने घर या मस्जिद में कार्यक्रम करें' 

श्रीराज नायर ने कहा कि अगर मुस्लिम समुदाय के लोग नवरात्रि से जुड़े किसी आयोजन में हिस्सा लेना चाहते हैं, तो वे अपने परिवार के साथ अपने घर या मस्जिद में अलग से कार्यक्रम कर सकते हैं। उनका कहना है कि VHP का विरोध किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि संगठन गरबा और डांडिया जैसे धार्मिक आयोजनों के स्वरूप को लेकर अपनी बात रख रहा है। हालांकि, VHP के इस रुख से महाराष्ट्र में गरबा और डांडिया आयोजनों को लेकर चर्चा तेज हो सकती है। अलग-अलग संगठनों और लोगों की इस मुद्दे पर अलग राय सामने आ सकती है।

मोहन भागवत के बयान पर VHP ने साधी चुप्पी

VHP की यह टिप्पणी RSS प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान के कुछ दिनों बाद आई है। न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने सभी लोगों के सम्मान और सामाजिक एकता की बात कही थी। भागवत ने कहा था कि भारत में रहने वाले लोगों के बीच भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर कोई व्यक्ति खुद को हिंदू मानता है, तो उसे यह स्वीकार करना चाहिए कि सभी रास्ते एक ही लक्ष्य की ओर जाते हैं और हर इंसान की अपनी गरिमा है। जब VHP प्रवक्ता श्रीराज नायर से इस बयान को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने RSS प्रमुख की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि VHP किसी के खिलाफ नहीं है और संगठन सामाजिक सद्भाव तथा शांति में विश्वास करता है। हालांकि, उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि अगर कोई व्यक्ति नवरात्रि की धार्मिक मान्यताओं और पूजा-पद्धति में विश्वास नहीं करता, तो VHP को उसके लिए अपने नियम क्यों बदलने चाहिए।

नवरात्रि से पहले गरबा आयोजनों पर नजर

महाराष्ट्र में नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू होने वाली है। ऐसे में गरबा और डांडिया आयोजनों को लेकर VHP की गाइडलाइंस ने नया विवाद खड़ा कर दिया है।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

Latest Posts