Garima Vishwakarma
28 Jan 2026
नई दिल्ली। 18वीं लोकसभा के बजट सत्र के पहले चरण की शुरुआत बुधवार को संसद के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ हुई। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार देश में सामाजिक न्याय को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भ्रष्टाचार व घोटालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में सफल रही है।
बजट सत्र के इस चरण में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव (मोशन ऑफ थैंक्स) पर चर्चा और केंद्रीय बजट पर विस्तृत बहस प्रमुख मुद्दे रहेंगे। लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 2 से 4 फरवरी तक तीन दिन निर्धारित किए गए हैं। बजट सत्र 28 जनवरी से 2 अप्रैल तक चलेगा, जिसे दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक और दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक होगा। इस पूरे सत्र के दौरान संसद की कुल 30 बैठकें प्रस्तावित हैं। वहीं, 28 जनवरी और 1 फरवरी को शून्यकाल नहीं रखा गया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार की नीतियों का असर जमीनी स्तर पर साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि देश में अब ‘लखपति दीदियों’ की संख्या 2 करोड़ तक पहुंच चुकी है, जो इस बात का प्रमाण है कि सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर गंभीरता से काम कर रही है। जिससे समाज में महिलाओं का योगदान बढ़ रहा है।
राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि सितंबर में शुरू किए गए ‘स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार अभियान’ के तहत करीब 7 करोड़ महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई, जिससे लाखों महिलाओं को समय पर इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि एनडीए के इतिहास में पहली बार महिला उम्मीदवार ने सफलता हासिल की है, जो महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और सशक्तिकरण का प्रतीक है।
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले 10–11 वर्षों में भारत ने हर क्षेत्र में अपनी बुनियाद को मजबूत किया है। उन्होंने कहा,
“साल 2026 के साथ भारत इस सदी के दूसरे चरण में प्रवेश कर चुका है। इस सदी के पहले 25 साल देश के लिए उपलब्धियों, गर्व के क्षणों और ऐतिहासिक सफलताओं से भरे रहे हैं। बीते एक दशक में भारत ने हर सेक्टर में मजबूती के साथ आगे बढ़ते हुए विकसित भारत की दिशा में मजबूत आधार तैयार किया है। आने वाले वर्षों में यही नींव देश की प्रगति की सबसे बड़ी ताकत बनेगी।”
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में देश के महापुरुषों और पूर्वजों के योगदान को याद करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि महान व्यक्तित्वों के संघर्ष और योगदान को स्मरण करना नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है। उन्होंने बताया कि देश ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस, भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती को राष्ट्रीय स्तर पर श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया। इन आयोजनों के माध्यम से देशवासियों ने उनके योगदान को याद किया और “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को और अधिक मजबूती मिली।