Naresh Bhagoria
30 Jan 2026
डिजिटल डेस्क। IAS अधिकारी श्रीकांत रेड्डी (2024) और IPS अधिकारी शेषाद्रिणी रेड्डी (2021) इन दिनों चर्चा में हैं, लेकिन वजह कोई प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि उनकी शादी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही उनकी वेडिंग फोटोज ने लोगों को चौंकाया भी और प्रभावित भी किया। जहां आजकल शादियां करोड़ों के बजट और भव्य आयोजनों की पहचान बन चुकी हैं, वहीं इस अफसर जोड़े ने सादगी को अपना सबसे बड़ा गहना बना लिया। तस्वीरों में न कोई चमक-दमक है, न दिखावटी ठाठ—बस आत्मविश्वास, गरिमा और संस्कार साफ झलकते हैं।

तेलंगाना के यादाद्रि भुवनगिरी जिले के चौटुप्पल सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में जब IAS श्रीकांत रेड्डी और IPS शेषाद्रिणी रेड्डी ने एक-दूसरे का हाथ थामा, तो यह पल किसी भव्य वेडिंग शो से कम नहीं था—बस फर्क इतना था कि यहां चमक नहीं, सुकून था। न फूलों से सजा मंडप, न डीजे की गूंज और न ही सैकड़ों मेहमानों की भीड़। चंद अपने लोग, कुछ वरिष्ठ अधिकारी और सब-रजिस्ट्रार की मौजूदगी में यह रिश्ता कानूनी और भावनात्मक दोनों रूपों में बंध गया। यह शादी साबित करती है कि रिश्तों की नींव शोर-शराबे में नहीं, शांत विश्वास में मजबूत होती है।
दुल्हन शेषाद्रिणी रेड्डी की कांजीवरम साड़ी में पारंपरिक गरिमा साफ झलक रही थी, तो वहीं श्रीकांत रेड्डी का धोती-कुर्ता उनकी सादगी और सहजता को बयां कर रहा था। न कोई भारी गहने, न डिजाइनर लेबल का दिखावा—फिर भी तस्वीरों में जो आत्मविश्वास और संतुलन नजर आता है, वही इस शादी की असली खूबसूरती बन गया। उनका पहनावा सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि उस सोच का प्रतीक था, जिसमें सरलता को सबसे ऊंचा स्थान दिया गया।

आज के दौर में, जब भारत की वेडिंग इंडस्ट्री का आकार लगभ 10 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है, यह शादी समाज के लिए एक आईना है। क़ुतुबुल्लापुर की DCP शेषाद्रिणी रेड्डी और प्रशासनिक प्रशिक्षणरत IAS श्रीकांत रेड्डी ने दिखा दिया कि शादी खर्च का प्रदर्शन नहीं, बल्कि दो लोगों की साझा जिम्मेदारी और समझदारी है। उनकी सादगी यह याद दिलाती है कि रिश्तों की मजबूती पैसों से नहीं, मूल्यों से तय होती है—और शायद यही इस शादी को सबसे खास बनाती है।
मप्र के IAS आशीष वशिष्ठ और IAS सलोनी सिडाना (दोनों 2014 बैच) ने नवंबर 2016 में मध्य प्रदेश के भिंड में सिर्फ 500 रुपए के कोर्ट फीस में शादी की थी, जो एक बेहद सादे और अनुकरणीय विवाह का उदाहरण है। उन्होंने भव्य समारोहों की बजाय सादगी को प्राथमिकता दी और शादी के बाद 48 घंटे में काम पर लौट आए थे। सलोनी सिडाना NHM में मिशन संचालक हैं। आशीष वशिष्ठ मप्र राज्य इलेक्ट्राॅनिक्स विकास निगम में एमडी हैं।