
भोपाल। मुख्यमंत्री ने वानिकी सम्मेलन और IFS मीट में शामिल होकर वन अमले के अफसरों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि IFS के सारे मित्रों को बधाई। देश के सबसे अच्छे विभागों में से मप्र का वन अमला है, जिसके कारण चीता जैसे प्रोजेक्ट से लेकर सभी वन्य प्राणियों की दृष्टि से वन विभाग ने अपनी अच्छी भूमिका अदा की है।
डॉ. यादव ने कहा कि मप्र टाइगर स्टेट है, चीता स्टेट है, वल्चर स्टेट है, यहां घड़ियाल हैं और भी वन्य प्राणियों को संभाला जा रहा है। इसके साथ ही दो टाइगर रिजर्व भी दो साल में बने हैं। बहुत जल्दी असम से जंगली भैंसे भी लाए जाएंगे। मैं उम्मीद कर रहा हूं कि हमारा समृद्ध वन्य जीव संपदा का यह दौर आगे बढ़ेगा। बीते समय में हमने नर्मदा नदी में मगरमच्छ छोड़े थे, आने वाले समय में चंबल में घड़ियाल छोड़े जाना है। डॉ. यादव ने कहा कि कुछए की अच्छी प्रजातियों के संरक्षण पर भी हमारी सरकार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि फॉरेस्ट टूरिज्म के माध्यम से लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा है। इसके साथ ही वन क्षेत्र में रहवासियों, वनवासी, आदिवासियों की आय बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है। डॉ. यादव ने कहा कि मप्र में टाइगर के साथ हाथियों का भी स्थाई बसेरा हो गया है। वन अमले को ट्रेनिंग के माध्यम से दुर्घटनाओं को रोका गया है। पिछले वर्षों की तुलना में 10% दुर्घटनाएं हुई हैं, 90% दुर्घटनाओं को कंट्रोल किया गया है। डॉ. यादव ने वानिकी सम्मेलन की सबको बधाई भी दी।

डॉ. यादव ने कहा कि जो मजा वन के साथ आता है वह कहीं और जाकर मजा नहीं आता। उन्होंने कहा कि अफसरों के भाव को समझने की जरूरत है। डॉ. यादव ने उदाहरण देते हुए कहा कि बांधवगढ़ में टाइगर रिजर्व में हम अपने वाहन से चल रहे हैं, टाइगर अपने हिसाब से चल रहा है, ऐसी स्थिति में वन अमले की बहुत बड़ी भूमिका है। जानवर के सामने जाने की बड़ी चुनौती रहती है। निडरता और निर्भरता ही दोनों तरफ है, जानवर अपनी जिंदगी की मस्ती का आनंद लेते हैं, और हम अपने जीवन का आनंद लेते हैं।

इस अवसर पर पूर्व पीसीसीएफ स्व. डॉ. पीबी गंगोपाध्याय को प्रदेश के वनों की सुरक्षा और बेहतरी में विशेष योगदान के लिए 'लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड' दिया गया, जिसे उनकी धर्मपत्नी गौरी गंगोपाध्याय ने ग्रहण किया। कार्यक्रम में IFS थीम सॉन्ग को भी लॉन्च किया। वन विभाग की गतिविधियों का विस्तार 'नभ, थल, जल' सभी ओर है।