डिजिटल डेस्क। कांग्रेस (congress) के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने शुक्रवार को साफ कहा कि कुछ मुद्दों पर उनके विचारों को मीडिया भले ही BJP के समर्थन के रूप में पेश करे, लेकिन उनका मकसद केवल सरकार या भारत के हित में बात करना होता है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मामलों में वह राजनीतिक चश्मे से नहीं, बल्कि राष्ट्रीय दृष्टिकोण से सोचते हैं और पहले भी इस बात को कई बार स्पष्ट कर चुके हैं।
तिरुवनंतपुरम से सांसद थरूर ने पत्रकारों से बातचीत में स्वीकार किया कि पिछले वर्ष भारत-पाकिस्तान तनाव और पहलगाम हमले के बाद भारत की कूटनीतिक पहल पर उनकी टिप्पणियों को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। उनकी राय कांग्रेस के आधिकारिक रुख से अलग थी, जिसके चलते पार्टी के कुछ नेताओं ने उनकी मंशा पर सवाल भी उठाए। हालांकि, थरूर ने यह भी माना कि किसी भी पार्टी सदस्य को अपनी पार्टी की विचारधारा के खिलाफ नहीं जाना चाहिए।
थरूर ने दो टूक शब्दों में कहा कि वह संसद में हमेशा पार्टी के साथ खड़े रहे हैं और आगे भी रहेंगे। जब उनसे कांग्रेस छोड़ने की अटकलों पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस में ही हैं और कहीं नहीं जा रहे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह केरल में चुनाव प्रचार करेंगे और यूडीएफ की जीत के लिए पूरी ताकत से काम करेंगे। साथ ही उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि उनसे बार-बार ऐसी सफाई क्यों मांगी जा रही है।
पार्टी के भीतर अपनी शिकायतों को लेकर थरूर ने गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से मुलाकात की। इस बैठक के बाद उन्होंने कहा कि अब सब ठीक है और पार्टी पूरी तरह एकजुट है। हाल के दिनों में कोच्चि के एक कार्यक्रम और केरल में कुछ नेताओं के रवैये से वह नाराज बताए जा रहे थे। यह मुलाकात आगामी केरल विधानसभा चुनावों से पहले हुई है, जो कांग्रेस के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि पार्टी पिछले एक दशक से राज्य में सत्ता से बाहर है।