भारत कोई धर्मशाला नहीं, सिर्फ नागरिकों को रहने का हक! देश की सुरक्षा से नहीं होगा कोई समझौता, शाह का घुसपैठियों पर बड़ा बयान

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर बड़ा संदेश दिया है। इंटेलिजेंस ब्यूरो के नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रैटेजीज सम्मेलन के समापन सत्र में उन्होंने अवैध घुसपैठ पर सख्त कार्रवाई की बात कही। शाह ने कहा कि भारत में रहने का अधिकार सिर्फ देश के नागरिकों को है। उन्होंने सीमा सुरक्षा मजबूत करने के लिए राज्यों के साथ साझा की गई रणनीति का भी जिक्र किया। गृह मंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में सुरक्षा चुनौतियों को पहले पहचानना होगा, ताकि वे बड़ी समस्या बनने से पहले ही रोकी जा सकें।
घुसपैठ पर शाह का सख्त रुख
अमित शाह ने कहा कि अवैध घुसपैठ केवल सीमा से जुड़ा मामला नहीं है। इसका असर देश की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और जनसांख्यिकीय स्थिति पर भी पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य कम समय में देश को घुसपैठ से मुक्त करना है। पिछले आठ महीनों में सीमा से जुड़े सभी राज्यों का दौरा कर सुरक्षा से जुड़ा चार-सूत्रीय दस्तावेज भी साझा किया गया है।
सुरक्षा के लिए राज्यों से तालमेल
गृह मंत्री ने सुरक्षा एजेंसियों और राज्य पुलिस के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत बताई। दो दिन चले सम्मेलन में घुसपैठ, आतंकवाद, साइबर अपराध और खुफिया जानकारी को तेजी से साझा करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। गृह मंत्रालय के अनुसार सम्मेलन में करीब 850 लोग शामिल हुए और सुरक्षा से जुड़े कई अहम विषयों पर विचार किया गया।
आतंकवाद के खिलाफ रोजाना कार्रवाई पर जोर
शाह ने आतंकवाद और कट्टरपंथ के खिलाफ PRAHAAR रणनीति को प्रभावी तरीके से लागू करने की बात कही। उन्होंने अधिकारियों से आतंकी नेटवर्क की फंडिंग और मददगार तंत्र को कमजोर करने पर ध्यान देने को कहा। साथ ही खुफिया जानकारी का बेहतर इस्तेमाल करने की जरूरत बताई। इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से उपलब्ध डेटा का विश्लेषण करने पर भी जोर दिया गया है।
274 भगोड़ों को विदेश से लाया गया
गृह मंत्री ने कहा कि सरकार ने विदेश में मौजूद भगोड़ों को भारत लाने की व्यवस्था को मजबूत किया है। गृह मंत्रालय के मुताबिक 2019 से 2026 के बीच 36 देशों से 274 भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाया गया। शाह ने राज्यों से कहा कि विदेश में मौजूद अपराधियों को भी भारतीय कानून के दायरे में लाने के लिए लक्ष्य तय किया जाए।
नशे के खिलाफ तीन स्तर की रणनीति
अमित शाह ने नशीले पदार्थों के खिलाफ भी राज्यों को सक्रिय भूमिका निभाने को कहा। उन्होंने नशे के नेटवर्क से निपटने के लिए पता लगाने, रोकने और खत्म करने की रणनीति पर काम करने की बात कही। उनका कहना है कि केंद्र और राज्यों के मिलकर काम करने से नशे के खिलाफ अभियान को ज्यादा प्रभावी बनाया जा सकता है।
15-20 साल आगे की तैयारी पर जोर
शाह ने सुरक्षा अधिकारियों से आने वाले 15 से 20 साल के बदलावों पर नजर रखने को कहा। उन्होंने वैश्विक अस्थिरता, ऊर्जा संकट, सप्लाई चेन में रुकावट, बढ़ते कट्टरपंथ और साइबर गलत सूचना जैसे खतरों का जिक्र किया। उनका कहना है कि किसी चुनौती के संकट बनने का इंतजार करने के बजाय उसे पहले पहचानकर रोकना जरूरी है।
विकसित भारत के लिए मजबूत सुरक्षा जरूरी
गृह मंत्री ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए मजबूत आंतरिक सुरक्षा जरूरी है। उन्होंने आंतरिक सुरक्षा से जुड़े तीन प्रमुख क्षेत्रों में चुनौतियों पर काबू पाने का श्रेय राज्य पुलिस, केंद्रीय एजेंसियों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को दिया। शाह ने कहा कि देश की सुरक्षा व्यवस्था को भविष्य की चुनौतियों के हिसाब से लगातार मजबूत करना होगा।




















