
सिंगरौली। जिले के बरगवां के कसरगांव में 100 फीट गहरे बोरवेल में गिरी 3 साल की सौम्या को हादसे के लगभग सात घंटे बाद रेस्क्यू दल ने बाहर निकाला। बच्ची की हालत गंभीर होने पर उसे फौरन अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इससे पहले बच्ची को बोर से निकालने के लिए रेस्क्यू टीम ने जेसीबी की मदद से खुदाई की थी।
सुरंग बनाकर बच्ची तक पहुंचा गया : बच्ची 12 फीट की गहराई में फंसी थी इसलिए फावड़ा व सब्बल से रास्ता बनाया गया और बच्ची को निकाला गया। दुखद यह है कि हादसे के दिन ही बच्ची का जन्मदिन भी था।
बनाया गया है कानून
प्रदेश सरकार ने गत 5 जुलाई को खुले नलकूपों में इंसानों के गिरने से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सुरक्षा विधेयक 2024 लागू किया है।
सीएम ने लिया था एक्शन
रीवा जिले के मनिका गांव में 6 वर्षीय मयंक की बोरवेल में गिरने से मौत के बाद सीएम के निर्देश पर खेत मालिक के खिलाफ धारा 304 में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया था। जनपद सीईओ व त्योंथर पीएचई एसडीओ को निलंबित और रोजगार सहायक को बर्खास्त किया गया था।
पहले हुई घटनाएं
- 14 मार्च 2023 : विदिशा जिले में 8 साल का मासूम 60 फीट गहरे बोरवेल में गिरा, मौत
- 05 अप्रैल 2023 : राजगढ़ जिले में पांच साल की बच्ची बोरवेल में गिरी, मौत
- 08 जून 2023 : सीहोर जिले के मुंगावली में 300 फीट गहरे बोरवेल में गिरी बच्ची, मौत
- 14 अप्रैल 2024 : रीवा जिले के मनिका गांव में छह साल का मासूम गिरा, मौत
खेत में खेलते वक्त बच्ची बोरवेल में गिर गई थी। 7 घंटे तक चले रेस्क्यू के बाद सौम्या को बाहर निकाला गया। परीक्षण के दौरान पाया गया कि उसकी सांसें थम चुकी थी। -डॉ. निखिल जैन, सीएमएचओ,बैढ़न