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तीन महीने का था वादा, छह महीने बाद भी अधूरा पुल, बैरिकेडिंग न होने से 20 फीट नीचे गिरा बाइक चालक, मौत

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तीन महीने का था वादा, छह महीने बाद भी अधूरा पुल, बैरिकेडिंग न होने से 20 फीट नीचे गिरा बाइक चालक, मौत
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    इंदौर। शहर के मालवा मील से पाटनीपुरा के बीच निर्माणाधीन पुल एक बार फिर नगर निगम की लापरवाही का प्रतीक बन गया है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव द्वारा तीन महीने में निर्माण पूर्ण करने का वादा किया गया था, लेकिन छह महीने बीतने के बाद भी पुल अधूरा पड़ा है। इस लापरवाही की कीमत रविवार रात एक निर्दोष युवक को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।

    बीती रात लगभग 10 बजे एक 35 वर्षीय युवक गोलू कुशवाह, निवासी लुनियापुरा, अपनी बाइक से मालवा मील से पाटनीपुरा की ओर जा रहा था। अधूरे पुल पर लगे मिट्टी के ढेर और बिना किसी बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड के चलते उसकी बाइक असंतुलित हो गई और वह करीब 20 फीट नीचे नाले में जा गिरा। स्थानीय युवक रितिक वर्मा ने उसे बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन युवक की हालत गंभीर थी और उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

    जनता परेशान, प्रशासन मौन

    इस पुल के निर्माण में हो रही देरी से न केवल नागरिकों की जान खतरे में पड़ रही है, बल्कि आसपास के व्यापारियों को भी बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। व्यापारी बताते हैं कि मार्ग बंद होने से ग्राहक नहीं आ पा रहे, और जो वैकल्पिक रास्ता खोला गया है, वह बस्तियों से होकर गुजरता है जो महज़ 10 फीट चौड़ा है। दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है और बारिश ने हालात और बिगाड़ दिए हैं।

    व्यापारियों का कहना है कि दीपावली जैसे महत्वपूर्ण त्योहार के पहले यदि पुल शुरू नहीं हुआ, तो उनका सीज़नल व्यापार पूरी तरह ठप हो जाएगा। कई बार ठेकेदार से संपर्क करने पर भी हर बार यही जवाब मिलता है कि निर्माण कार्य दीपावली के बाद ही पूरा होगा।

    सिर्फ एक स्लैब हुआ तैयार

    बताया जा रहा है कि इस पुल का निर्माण कार्य लगभग 30 मीटर चौड़ाई और 21 मीटर लंबाई में किया जा रहा है, लेकिन अब तक सिर्फ एक स्लैब का ही काम पूरा हुआ है। बाकी ढांचा अधूरा है। शुरुआत में जब भूमिपूजन हुआ था, तब महापौर ने मीडिया और जनता के सामने तीन महीने में पुल पूरा करने का वादा किया था, जो अब हवा हो चुका है।

    जनकार्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौर का कहना है कि ठेकेदार को निर्देश दिए गए हैं कि काम में तेजी लाई जाए। उन्होंने दावा किया कि दीपावली से पहले पुल शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन ज़मीनी स्थिति इस बयान से मेल नहीं खा रही।

    आज दोपहर व्यापारियों का प्रदर्शन

    निर्माण कार्य में हो रही अनावश्यक देरी, जानलेवा लापरवाही और व्यापारिक नुकसान से आक्रोशित व्यापारियों ने पुल पर विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। वे पुल निर्माण में तेजी और समयसीमा सुनिश्चित करने की मांग करेंगे। स्थानीय रहवासियों ने भी प्रदर्शन में शामिल होने की बात कही है।

    प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल

    इस हादसे ने नगर निगम और निर्माण एजेंसी की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर चुनावी वादों में तीव्र विकास और समयबद्ध काम की बातें होती हैं, वहीं जमीनी हकीकत कुछ और ही बयान कर रही है।

    ये भी पढ़ें: लोक निर्माण विभाग की कार्यशाला में सीएम बोले- पर्यावरण संरक्षण के लिए इंजीनियर निभाएं बड़ी भूमिका, सुझावों पर अमल करेगी सरकार

    Vaishnavi Mavar
    By Vaishnavi Mavar

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