
भोपाल। राजधानी के शाहजहांनाबाद इलाके में 5 साल की मासूम बच्ची के अपहरण, बलात्कार और हत्या के मामले में मुख्य आरोपी को कोर्ट ने दोषी को फांसी की सजा सुनाई है। यह दिल दहला देने वाली घटना पिछले साल की है, जिसने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी।
भोपाल की विशेष अदालत ने मंगलवार को इस मामले में फैसला सुनाया, जिसमें आरोपी को सभी आरोपों में दोषी ठहराया गया। कोर्ट ने आरोपी अतुल भालसे को फांसी की सजा सुनाई है। वहीं, वारदात में उसका साथ देने वाली मां और बहन को भी दो-दो साल कैद की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश कुमुदिनी पटेल ने इस मामले में तीनों को दोषी ठहराया है।
सुनवाई के दौरान पेश किए सबूत
पुलिस ने गहन जांच के बाद फ्लैट में रहने वाले अतुल निहाले, उसकी मां बसंती बाई और बहन चंचल भालसे को गिरफ्तार कर लिया था। थाना शाहजहांनाबाद ने मामले की जांच पूरी करने के बाद 20 दिसंबर को आरोपियों के खिलाफ स्पेशल कोर्ट में आरोप पत्र दायर किया था।
पुलिस ने आरोप पत्र के साथ डीएनए जांच रिपोर्ट, मेडिकल रिपोर्ट समेत अन्य दस्तावेज और पीड़िता के परिजन, चिकित्सकों और पुलिसकर्मियों सहित अन्य गवाहों की सूची भी पेश की थी।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, यह घटना पिछले साल 24 सितंबर को हुई थी, जब 5 साल की एक मासूम बच्ची अपने घर के पास खेलते समय लापता हो गई थी। परिजनों ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज की, जिसके बाद बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया गया। कई दिनों की खोजबीन के बाद बच्ची का शव उसी की मल्टी के एक बंद फ्लैट से बरामद किया गया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि बच्ची के साथ बलात्कार के बाद उसकी गला दबाकर हत्या की गई थी। इस क्रूरता ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया और कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन हुए।
बता दें कि नगर निगम की फॉगिंग के दौरान आरोपी अतुल ने इसका फायदा उठाकर उसका मुंह दबा लिया और कमरे में उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। बच्ची के शव को बिस्तर के नीचे छिपा दिया। लेकिन बदबू और मक्खी की वजह से उसे प्लास्टिक के टैंक में डालकर ऊपर से जूते और चप्पल रख दिए।
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