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अंधविश्वास ! इलाज के नाम पर महिला को मारी तलवार, तांत्रिक बोला- तेरे शरीर में डायन है... तीन पर FIR

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अंधविश्वास ! इलाज के नाम पर महिला को मारी तलवार, तांत्रिक बोला- तेरे शरीर में डायन है... तीन पर FIR
धार। आधुनिकता के दौर में भी अंधविश्वास जमकर फल-फूल रहा है। कई लोग आज भी झाड़-फूंक करने वाले तांत्रिक की गिरफ्त में हैं। ऐसा ही मामला धार जिले से सामने आया है। जहां तांत्रिक ने महिला के शरीर में डायन होने हवाला दिया और उसे बाहर निकालने के नाम पर तलवार मार दी। तांत्रिक ने सिर और हाथ-पैर दर्द से पीड़ित महिला की पीठ पर तलवार से कई वार किए, जिससे वह घायल हो गई। हालत गंभीर होने पर महिला का बड़वानी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिर थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई। ये मामला 23 नवंबर का है।

क्या है पूरा मामला ?

धार जिले के डही ब्लॉक के बड़वान्या गांव में रहने वाली संगीता (30) पति कपिल लगातार सिर और हाथ-पैर में दर्द के चलते परेशान थी। उन्होंने कई बार इलाज करवाया, लेकिन फायदा नहीं मिला। दर्द से परेशान महिला ने इलाज के लिए टोने-टोटके का सहारा लेने का फैसला किया। महिला इलाज करवाने के लिए तांत्रिक अनिल के पास गई थी। महिला की परेशानी सुनने के बाद ठोंगी बाबा ने कहा कि उसके शरीर में डायन है। मैं तंत्र-मंत्र से ठीक कर दूंगा। डायन को मारने के लिए महिला के शरीर पर तलवार से वार करना होगा। तांत्रिक ने कहा कि तलवार वह महिला को मारेगा, लेकिन उसका वार डायन को नुकसान पहुंचाएगा। इसके बाद तांत्रिक ने महिला की पीठ पर तलवार चलाना शुरू कर दिया। एक नहीं कई बार तलवार से वार किए। जिसमें महिला को गंभीर चोटे आईं और हालत खराब होने पर महिला को बड़वानी के सरकारी अस्पताल लाया गया।

तीन आरोपी पर FIR दर्ज

इधर, डही पुलिस ने महिला की शिकायत पर आरोपी तांत्रिक अनिल, उसके भाई जितेंद्र और एक साथी के खिलाफ शनिवार को प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने महिला के साथ मारपीट की है। वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

शहडोल में बच्चे को अगरबत्ती से 51 जगह दागा

बता दें कि मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल जिलों में झाड़फूंक, दगना कुप्रथा जारी है। अंधविश्वास के चलते इलाज के नाम पर मासूम बच्चों को गर्म सलाखों से दागने के दर्जनों मामले इन जिलों से सामने आ चुके हैं। कुछ दिन पहले ही शहडोल जिले में निमोनिया से पीड़ित डेढ़ महीने के एक बच्चे को अगरबत्ती से 51 जगह दागा गया। बच्चे को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। उसका पेट भी फूल गया था। परिजन ने इलाज के लिए एक हकीम को बुलाया तो उसने पेट, सिर, माथे, पैर और कंधे पर दाग दिया। मासूम अब शहडोल मेडिकल कालेज में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहा है. ये भी पढ़ें- फूड इंस्पेक्टर बनकर रचाई शादी, झगड़े के बाद खुला राज तो महिला के होश उड़ गए; आरोपी पहले भी 4 लड़कियों से कर चुका शादी मध्य प्रदेश की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…
Mithilesh Yadav
By Mithilesh Yadav

वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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