मुगल बादशाहों के दौर में कैसे मनाई जाती थी दिवाली? लाल किले में जलता था 40 गज ऊंचा दीया
मुगलकाल में दिवाली को जश्न-ए-चिरागा कहा जाता था। लाल किले में हजारों दीये जलाए जाते थे और करीब 40 गज ऊंचे खंभे पर विशाल आकाश दीया लगाया जाता था। अकबर, शाहजहां और बहादुर शाह जफर के दौर से जुड़ी दिवाली की शाही परंपराओं, लक्ष्मी पूजा, मिठाइयों, दान और आतिशबाजी के दिलचस्प किस्से जानिए।
Dolly Wasvani
6 Nov 2026


























