दिल्ली-NCR में प्रदूषण के चलते GRAP-3 लागू; BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाहनों पर रोक, निर्माण कार्य भी बंद

नई दिल्ली। दिवाली से ठीक पहले दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बिगड़ने लगा है। शुक्रवार को हवा की खराब होती गुणवत्ता को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण यानी स्टेज-3 की पाबंदियां लागू कर दी गई हैं। दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) पिछले 24 घंटों में 382 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी के करीब है। प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए निर्माण कार्यों, वाहनों और औद्योगिक गतिविधियों पर कई तरह की रोक लगाई गई है।
दिल्ली के साथ NCR के शहरों में भी बिगड़ी हवा
प्रदूषण का असर दिल्ली के साथ आसपास के शहरों में भी दिखाई दे रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक नोएडा में AQI 303, ग्रेटर नोएडा में 316, गुरुग्राम में 368 और गाजियाबाद में 257 दर्ज किया गया। इन आंकड़ों के बीच दिल्ली और गुरुग्राम की हवा सबसे ज्यादा खराब स्थिति में रही। दिवाली से पहले प्रदूषण का स्तर और बढ़ने की आशंका के चलते GRAP-3 लागू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य वाहनों से निकलने वाले धुएं, निर्माण गतिविधियों से उड़ने वाली धूल और औद्योगिक प्रदूषण को नियंत्रित करना है।
निर्माण और तोड़फोड़ के काम पर सख्त रोक
GRAP-3 के तहत गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ (डिमोलिशन) से जुड़े कार्यों पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा प्रदूषण फैलाने वाले स्टोन क्रशर को बंद करने और खनन गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। नियमों का पालन नहीं करने वाले ईंट-भट्टों और हॉट-मिक्स प्लांट का संचालन भी बंद कराया जाएगा। वहीं सड़कों से उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए मैकेनिकल स्वीपिंग यानी मशीनों से सफाई और पानी के छिड़काव की गतिविधियां बढ़ाई जाएंगी।
BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाहनों पर प्रतिबंध
प्रदूषण को कम करने के लिए पुराने वाहनों की आवाजाही पर भी पाबंदी लगाई गई है। GRAP-3 के तहत BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाहनों के संचालन पर रोक का प्रावधान है। इसके साथ ही दिल्ली में गैर-जरूरी मध्यम और भारी डीजल मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। अंतरराज्यीय डीजल बसों की आवाजाही पर रोक रहेगी। हालांकि BS-VI या इससे बेहतर उत्सर्जन मानकों वाली बसों को छूट दी गई है।
प्रदूषण बढ़ने पर प्राथमिक कक्षाओं की ऑनलाइन हो सकती है पढ़ाई
खराब हवा का सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर पड़ सकता है। बच्चों को प्रदूषण के संपर्क से बचाने के लिए स्थानीय प्रशासन को प्राथमिक कक्षाओं की पढ़ाई ऑनलाइन कराने का विकल्प दिया गया है। यानी जरूरत पड़ने पर स्कूलों में शुरुआती कक्षाओं के लिए ऑनलाइन व्यवस्था लागू की जा सकती है।
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दिवाली से पहले प्रदूषण रोकने की कोशिश
दिल्ली-NCR में दिवाली से पहले प्रदूषण का स्तर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में GRAP-3 की पाबंदियों के जरिए निर्माण कार्यों की धूल, वाहनों के उत्सर्जन और औद्योगिक प्रदूषण को कम करने की कोशिश की जा रही है। इन प्रतिबंधों का असर कितना होगा, यह आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता के आंकड़ों से साफ होगा।




















