Convocation Ceremony : जस्टिस माहेश्वरी बोले-संविधान की असली परीक्षा शक्तिहीन और अल्पसंख्यकों के साथ किए व्यवहार से होती है
जस्टिस माहेश्वरी ने संविधान के सार पर प्रकाश डालते हुए एक महत्वपूर्ण बात कही है। उनके अनुसार, किसी भी संविधान की असली परख इस बात से होती है कि वह शक्तिहीन और अल्पसंख्यकों के साथ कैसा व्यवहार करता है। इस लेख में जानिए उनके इस विचार के गहरे निहितार्थ और भारतीय संदर्भ में इसकी प्रासंगिकता।
Naresh Bhagoria
14 Jun 2026



























