Peoples Update Special :MPERC ने NHAI की याचिका खारिज की, आयोग बोला-मामला पहले से जिला उपभोक्ता आयोग और हाईकोर्ट में विचाराधीन

संतोष चौधरी, भोपाल। विवाद राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर लगी स्ट्रीट लाइटों के 24 बिजली कनेक्शनों से जुड़ा है। एनएचएआई ने बिजली कनेक्शनों की श्रेणी बदलने और बिजली आपूर्ति काटे जाने को लेकर आयोग का दरवाजा खटखटाया था। आयोग ने माना कि मामला पहले ही दूसरे सक्षम मंचों पर विचाराधीन रह चुका है, इसलिए इस पर अलग से सुनवाई नहीं की जा सकती।
राष्ट्रीय राजमार्ग-46 के 24 बिजली कनेक्शनों से जुड़ा है विवाद
दरअसल, विवाद राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर भोपाल, सीहोर और राजगढ़ जिले में लगी स्ट्रीट लाइटों के 24 बिजली कनेक्शनों से जुड़ा है। एनएचएआई का कहना था कि ये सभी कनेक्शन पहले एलवी-3 (पब्लिक यूटिलिटी) श्रेणी में थे, लेकिन बिजली वितरण कंपनी ने कुछ कनेक्शनों को एलवी-2 (गैर-घरेलू) श्रेणी में बदल दिया। इससे बिजली बिल में बढ़ोतरी हुई। इसके बाद 26 मार्च 2026 को दो कनेक्शनों की बिजली आपूर्ति भी काट दी गई।
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श्रेणी बदलना टैरिफ नियमों के विपरीत बताया
एनएचएआई ने आयोग में दायर याचिका में कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगी स्ट्रीट लाइटें सार्वजनिक सुविधा का हिस्सा हैं। इसलिए उन्हें गैर-घरेलू श्रेणी में रखना बिजली टैरिफ नियमों के खिलाफ है। प्राधिकरण ने सभी 24 कनेक्शनों को फिर से एलवी-3 श्रेणी में रखने, काटी गई बिजली बहाल करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी।
हाईकोर्ट भी दे चुका है निर्णय
हालांकि आयोग ने अपने आदेश में कहा कि इसी विवाद पर एनएचएआई पहले जिला उपभोक्ता आयोग पहुंच चुका है, जहां उसके पक्ष में आदेश भी पारित हुआ था। इसके बाद मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट पहुंचा, जहां अदालत ने बिजली कंपनी को एनएचएआई के आवेदन पर तय समय सीमा में निर्णय लेने और तब तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं करने के निर्देश दिए थे।
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आयोग ने माना मामला सुनवाई योग्य नहीं
आयोग ने स्पष्ट किया कि जब एक ही विवाद दूसरे सक्षम मंचों पर विचाराधीन रहा है, तब उसी विषय पर आयोग द्वारा सुनवाई करने से अलग-अलग निर्णय आने की स्थिति बन सकती है। इसलिए आयोग ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी किए बिना केवल सुनवाई योग्य न होने के आधार पर याचिका खारिज कर दी।












