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कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे से साढ़े पांच घंटे पूछताछ, थाने के बाहर जुटे कार्यकर्ता

फरवरी में कांग्रेस कार्यालय पर हुए पथराव मामले में बयान दर्ज; चौकसे ने लगाया राजनीतिक प्रताड़ना का आरोप, पुलिस बोली- विवेचना का हिस्सा है पूछताछ
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कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे से साढ़े पांच घंटे पूछताछ, थाने के बाहर जुटे कार्यकर्ता
थाने में सेकड़ों कॉंग्रेसी कार्यकर्ता पहुंचे

इंदौर। फरवरी माह में कांग्रेस कार्यालय पर हुए पथराव के मामले में शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे से गुरुवार को पंढरीनाथ थाना पुलिस ने करीब साढ़े पांच घंटे तक पूछताछ की। दोपहर से शुरू हुई पूछताछ देर शाम तक चली। इसकी जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता थाने पहुंच गए। शाम तक करीब डेढ़ सौ से अधिक कार्यकर्ता थाना परिसर के बाहर एकत्र हो गए और नारेबाजी करते हुए चौकसे को छोड़ने की मांग करने लगे।

 

मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच भी चर्चा हुई। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष सोनाली मिमरोट समेत कई पार्षद और कांग्रेस पदाधिकारी पंढरीनाथ थाने पहुंचे। उन्होंने एसीपी और थाना प्रभारी से मुलाकात कर पूछताछ पर आपत्ति जताई और चौकसे को जल्द छोड़ने की मांग की।करीब रात साढ़े आठ बजे बयान दर्ज होने के बाद पुलिस ने चौकसे को जाने दिया। थाने से बाहर निकलने के बाद उन्होंने मीडिया से चर्चा में पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया।

 

'नीट आंदोलन के बाद से बनाया जा रहा निशाना'

चिंटू चौकसे ने आरोप लगाया कि भंवरकुआ क्षेत्र में नीट परीक्षा को लेकर हुए छात्र आंदोलन में कांग्रेस की ओर से भोजन, टेंट और अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग किए जाने के बाद से उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उनका कहना था कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्होंने पुलिस को मेडिकल सर्टिफिकेट उपलब्ध कराया था, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने उनके इलाज करने वाले डॉक्टर को भी पूछताछ के लिए बुला लिया। चौकसे ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है, फिर भी कांग्रेस कार्यकर्ता जनता के मुद्दों को उठाना बंद नहीं करेंगे।

 

सज्जन सिंह वर्मा ने साधा सरकार पर निशाना

पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए प्रदेश सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा, "ऐसी पूछताछ की जा रही है जैसे हमने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के घर डकैती डाल दी हो।" उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है और पुलिस पर राजनीतिक दबाव में कार्रवाई करने का दबाव है।

 

फरवरी के पथराव मामले में हुई पूछताछ

पुलिस के अनुसार यह पूछताछ फरवरी 2026 में कांग्रेस कार्यालय पर भाजपा और भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदर्शन के दौरान हुए पथराव के मामले की विवेचना का हिस्सा है। इसी मामले में बयान दर्ज करने के लिए चौकसे को नोटिस जारी कर पंढरीनाथ थाने बुलाया गया था।

पुलिस बोली- कानून के तहत चल रही जांच

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। पूछताछ विवेचना की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पूछताछ के दौरान थाने के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मौजूदगी और राजनीतिक बयानबाजी के कारण क्षेत्र में कुछ समय तक हलचल का माहौल रहा।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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