राज्यसभा में भी पास हुआ पेपर लीक संशोधन बिल :चर्चा के दौरान विपक्ष का हंगामा, लोकसभा में 7 घंटे चर्चा हुई थी

नई दिल्ली। लोकसभा के बाद गुरुवार को राज्यसभा ने भी पेपर लीक से जुड़े संशोधन बिल को मंजूरी दे दी। हालांकि, जब केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह सरकार की ओर से चर्चा का जवाब देने के लिए खड़े हुए, तब विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया। इससे पहले बिल पर चर्चा के दौरान जोरदार हंगामा हुआ। आरजेडी सांसद मनोज झा ने एनटीए (NTA) पर सवाल उठाते हुए इसे खत्म करने की मांग की और कहा कि एजेंसी को बंगाल की खाड़ी में फेंक देना चाहिए। इससे एक दिन पहले लोकसभा में करीब सात घंटे की लंबी बहस के बाद यह बिल पारित किया गया था।
राहुल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस
दूसरी ओर, भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का नोटिस सौंपा है। अनुराग ठाकुर का आरोप है कि राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ सदन में असंसदीय और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया तथा गंभीर और बेबुनियाद आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का बयान संसदीय परंपराओं के खिलाफ है, इसलिए इस मामले में उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
राज्यसभा में 8 घंटे चली चर्चा
करीब आठ घंटे तक चली लंबी चर्चा और बहस के बाद सदन ने बिल को मंजूरी दे दी। इसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही 31 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी गई। हालांकि, बिल पर चर्चा के दौरान विपक्ष और सरकार के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह जब सरकार का पक्ष रखने के लिए खड़े हुए, तब विपक्षी सांसद सदन से वॉकआउट कर गए।
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जवाब से पहले विपक्ष का वॉकआउट
सरकार की ओर से जवाब देने के लिए डॉ. जितेंद्र सिंह को बुलाए जाने पर विपक्षी सांसदों ने सदन से बाहर निकलने का फैसला किया। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि पूरे विपक्ष ने एक ही मांग उठाई थी कि चर्चा समाप्त होने से पहले गृह मंत्री सदन में आकर जवाब दें। विपक्षी सांसदों ने गृह मंत्री सदन में आओ के नारे लगाए और इसके बाद वॉकआउट कर दिया।
इस पर सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास कोई मुद्दा नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि जवाब सुनने से पहले सदन छोड़ देना गैरजिम्मेदाराना व्यवहार है और यह लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।
NTA पर विपक्ष का हमला
बिल पर चर्चा के दौरान आरजेडी सांसद मनोज झा ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सिर्फ कानून बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि व्यवस्था की जड़ में बदलाव करना होगा। उन्होंने यहां तक कहा कि NTA को बंगाल की खाड़ी में फेंक देना चाहिए।
वहीं समाजवादी पार्टी के सांसद प्रो. रामगोपाल यादव ने कहा कि केवल सजा बढ़ाने से अपराध खत्म नहीं होते। उन्होंने सुझाव दिया कि NEET जैसी परीक्षाओं का संचालन फिर से राज्यों को सौंपा जाना चाहिए ताकि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर बेहतर नियंत्रण हो सके।
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राघव चड्ढा ने सरकार के कदमों का किया बचाव
आप से भाजपा में शामिल हुए सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि NEET अभ्यर्थियों का गुस्सा जायज था और सरकार ने उनकी बात सुनकर व्यवस्था में बदलाव किया। उन्होंने कहा कि सरकार पहली बार पेपर लीक रोकने के लिए व्यापक कानूनी ढांचा लेकर आई है।
राघव ने कहा कि मामले में 75 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल की गई और जांच को लंबा नहीं खींचा गया। उनका दावा था कि नया कानून इतना सख्त है कि भविष्य में कोई भी पेपर लीक करने से पहले कई बार सोचेगा।
संजीव मुखिया पर भी हुई चर्चा
जेडीयू सांसद संजय झा ने चर्चा के दौरान पेपर लीक मामले के आरोपी संजीव मुखिया का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं और वह फिलहाल बक्सर सेंट्रल जेल में बंद है। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों की भावनाएं सही थीं, लेकिन आंदोलन में शामिल कुछ अन्य तत्वों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।











