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Peoples Update Special :मप्र में संत रविदास, सफाई कर्मचारी एवं बांस आयोग में खाली पड़े हैं पद, दतिया उपचुनाव के बाद हो सकती हैं ताजपोशी

मध्यप्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण से जुड़े विभिन्न निगम, बोर्ड और आयोगों में लंबे समय से लंबित राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर हलचल तेज हो गई है। दतिया उपचुनाव के बाद संत रविदास उद्योग विकास निगम, राज्य सफाई कर्मचारी आयोग, अंत्यावसायी वित्त विकास निगम और बांस आयोग समेत कई संस्थाओं में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्तियां होने के संकेत मिल रहे हैं।
मप्र में संत रविदास, सफाई कर्मचारी एवं बांस आयोग में खाली पड़े हैं पद, दतिया उपचुनाव के बाद हो सकती हैं ताजपोशी

राजीव सोनी,भोपाल। मध्यप्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग कल्याण से जुड़े विभिन्न निगम, बोर्ड और आयोग में लंबे समय से नियुक्तियों का इंतजार हो रहा है। खाली पड़ी इन संस्थाओं में राजनीतिक नियुक्तियां की हलचल तेज हो गई है। दतिया उपचुनाव के बाद ताजपोशी का सिलसिला शुरू होने के संकेत हैं।

भाजपा नेताओं को उम्मीद…

संत रविदास उद्योग विकास निगम, राज्य सफाई कर्मचारी आयोग, अंत्यावसायी वित्त विकास निगम और बांस आयोग में ताजपोशी के लिए बड़ी संख्या में भाजपा नेता उम्मीद लगाए बैठे हैं। इनमें दशकों से पार्टी में सक्रिय कई सीनियर नेताओं ने सत्ता-संगठन के सामने अपनी दावेदारी भी जताई है। सरकार ने अनुसूचित जाति आयोग की कमान डॉ. कैलाश जाटव को सौंपी है लेकिन उपाध्यक्ष और 2 सदस्यों के पद खाली है। दलित समाज के कल्याण संबंधी योजनाओं से जुड़े निगम-मंडल, बोर्ड और आयोग में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्तियां होना बाकी है। 

संचालक मंडल पड़े हैं खाली

राज्य सफाई कामगार आयोग के अध्यक्ष प्रताप करोसिया के कार्यकाल को करीब सवा तीन साल हो चुके है। नियुक्ति आगामी आदेश तक हुई है। इसी तरह अंत्यावसायी वित्त विकास निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर की ताजपोशी को भी लगभग 5 साल होने को हैं। यहां भी बदलाव के साथ उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के संकेत है। पूर्ववर्ती शिवराज सरकार के समय इनकी ताजपोशी हुई थी। इसी तरह बांस आयोग और संत रविदास उद्योग विकास निगम जैसे उपक्रमों में संचालक मंडल का गठन होना है। संत रविदास के नाम पर चल रहे निगम में नारायण कबीरपंथी अध्यक्ष रह चुके हैं। 

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केंद्र की संस्थाएं भी...

इसी तरह केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अधीन कार्यरत डॉ.आंबेडकर एवं बाबू जगजीवन राम फाउंडेशन जैसे प्रमुख संस्थानों में भी लंबे समय से सदस्यों की नियुक्ति नहीं हो पाई। इस वजह से दलित के कल्याण से जुड़ी योजनाओं का लाभ समाज को नहीं मिल पा रहा।

5 दर्जन से ज्यादा हो चुकी नियुक्तियां

प्रदेश में अजा वर्ग की करीब 16 फीसदी से ज्यादा आबादी निवास करती है। इनके लिए विधानसभा में 35 सीटें रिजर्व हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि दो महीने पहले सरकार ने एक साथ कई निगम-मंडल, बोर्ड, प्राधिकरण और आयोगों में राजनीतिक नियुक्तियां की थीं। अब तक 5 दर्जन से अधिक संस्थाओं में राजनेताओं की ताजपोशी हो चुकी है। अजा वर्ग से जुड़ी करीब आधा दर्जन संस्थाओं को लेकर अनेक सीनियर नेता भोपाल से लेकर दिल्ली तक गणेश परिक्रमा में जुटे हैं।

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सियासी ताजपोशी के लिए इनकी है दावेदारी 

अमित कछवाह सागर, रमेश मालवीय गुना, सुरेखा तंवर उज्जैन, रामस्वरूप शुक्रवारे भोपाल, शैलेश गिरजे इंदौर, ओमप्रकाश मोहने उज्जैन, ज्योति डेहरिया परासिया, सुभाष वर्मा सिंगरोली, मनीष राजोरिया ग्वालियर, मोहन पटवा दतिया, दिलीप बाल्मीकि दतिया और जबलपुर के शिवराम बेन।

आगामी आदेश तक नियुक्ति

आदेश में कार्यभार ग्रहण करने के बाद आगामी आदेश पर्यंत तक नियुक्ति का जिक्र है।

डॉ. सत्येंद्र सिंह, एमडी अंत्यावसायी वित्त विकास निगम भोपाल

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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