CG NEWS:आपसी सहमति से बने शारीरिक संबंध रेप नहीं, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने आरोपी की बरी बरकरार रखी
हाई कोर्ट की अहम टिप्पणी- बालिग महिला यदि परिणामों को समझते हुए संबंध बनाती है तो उसे सहमति माना जाएगा, ट्रायल कोर्ट का फैसला कायम। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने कहा कि केवल आरोप लगा देने से दुष्कर्म साबित नहीं हो जाता। यदि उपलब्ध साक्ष्य यह दर्शाते हैं कि दोनों पक्षों के बीच संबंध आपसी सहमति से बने थे, तो भारतीय कानून के अनुसार इसे रेप की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।
PREM
1 Jul 2026





























