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सुरेंद्र कोली की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई, मौत की वजह हुई साफ; रिपोर्ट में फांसी से दम घुटने की बात

सुरेंद्र कोली की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है। हरिद्वार में फंदे से लटके मिले कोली की मौत की वजह रिपोर्ट में फांसी लगाने के कारण दम घुटना बताई गई है।
सुरेंद्र कोली की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई, मौत की वजह हुई साफ; रिपोर्ट में फांसी से दम घुटने की बात

नई दिल्ली। निठारी हत्याकांड के मुख्य आरोपी रहे सुरेंद्र कोली की मौत की वजह अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आ गई है। हरिद्वार में चाय की दुकान पर फंदे से लटके मिले कोली की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह फांसी लगाने के कारण दम घुटना बताई गई है। शुरुआती जांच में भी पुलिस ने इसे आत्महत्या माना था, लेकिन परिवार ने मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाए थे और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या आया?

बुधवार को सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मेडिकल राय दर्ज की गई है कि मौत की वजह मरने से पहले फांसी लगाने के कारण हुआ दम घुटना यानी asphyxia है। आसान शब्दों में कहें तो रिपोर्ट के मुताबिक फांसी लगाए जाने के कारण सांस रुकने से सुरेंद्र कोली की मौत हुई। पुलिस को 18 सितंबर को हरिद्वार के सप्तऋषि इलाके में एक किराए की चाय की दुकान के अंदर उनका शव फंदे से लटका मिला था। शव मिलने के बाद पुलिस ने शुरुआती तौर पर आत्महत्या की आशंका जताई थी। हालांकि, मौत की परिस्थितियों को लेकर अंतिम स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होनी थी।

परिवार ने उठाए थे सवाल

सुरेंद्र कोली की मौत के बाद उनके परिवार ने आत्महत्या की बात पर सवाल उठाए थे। परिवार की ओर से कहा गया था कि करीब दो दशक तक सामाजिक तिरस्कार और कानूनी मामलों का सामना करने वाले व्यक्ति का अचानक इस तरह कदम उठाना संदेह पैदा करता है। कोली के परिवार से जुड़े नारायण सिंह रावत ने भी मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। परिवार ने शव देखने के बाद नाक और मुंह के आसपास खून के निशान होने की बात कही थी। इसी वजह से पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर इंतजार किया जा रहा था।

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हरिद्वार में चाय की दुकान पर मिला था शव

पुलिस के मुताबिक, सुरेंद्र कोली ने हरिद्वार के सप्तऋषि इलाके में एक छोटी सी किराए की दुकान में चाय बेचना शुरू किया था। उनकी मौत से कुछ दिन पहले ही उन्होंने यह काम शुरू किया था। पुलिस ने बताया था कि कोली आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से गुजर रहा था। दुकान शुरू करने के लिए उसने 5,000 रुपये उधार लिए थे। पुलिस आसपास के CCTV फुटेज भी खंगाल रही थी, ताकि मौत से पहले की गतिविधियों की जानकारी मिल सके। पुलिस के अनुसार, हरिद्वार आने के बाद कोली मुश्किल परिस्थितियों में रह रहा था। वह अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था और नौकरी के लिए आधार कार्ड या पुलिस वेरिफिकेशन से जुड़ी दिक्कतों का सामना कर रहा था।

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निठारी मामले में सभी 13 मामलों में हुआ था बरी

सुरेंद्र कोली का नाम 2006 के निठारी हत्याकांड से जुड़ा था। नोएडा के सेक्टर-31 में कारोबारी मोनिंदर सिंह पंढेर के घर के पीछे और नालियों से मानव अवशेष मिलने के बाद यह मामला सामने आया था। कोली उस समय पंढेर के घर पर घरेलू नौकर के तौर पर काम करता था। कोली को निठारी मामले से जुड़े अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराया गया था और कई मामलों में उसे मौत की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, बाद में अदालतों में इन मामलों में उसे राहत मिलती गई। नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने आखिरी बचे मामले में भी उसकी दोषसिद्धि को रद्द कर दिया था। इसके साथ ही वह निठारी हत्याकांड से जुड़े सभी 13 मामलों में बरी हो गया था। अब हरिद्वार में उसकी मौत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी लगाने के कारण दम घुटने को मौत की वजह बताया गया है। मौत को लेकर परिवार की ओर से उठाए गए सवालों के बीच पुलिस की जांच और रिपोर्ट के निष्कर्ष मामले में महत्वपूर्ण हैं।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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