'पहले हमें दिखाएं चार्जशीट!' राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बवाल, वकीलों ने किया विरोध

अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बुधवार को चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद अयोध्या में हलचल बढ़ गई। पुलिस विवेचक और सीओ अयोध्या एंटी करप्शन कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने पहुंचे थे। इसकी जानकारी मिलते ही अधिवक्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया। वकीलों की मांग थी कि चार्जशीट दाखिल करने से पहले उन्हें इसकी जानकारी और कॉपी दिखाई जाए। बाद में चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी गई और अधिवक्ताओं ने इसके विरोध में कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया।
चार्जशीट दाखिल करने पहुंचे थे अधिकारी
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी से जुड़े मामले की जांच पूरी होने के बाद पुलिस की ओर से चार्जशीट तैयार की गई थी। बुधवार को विवेचक और सीओ अयोध्या इसे एंटी करप्शन कोर्ट में दाखिल करने पहुंचे। जैसे ही अधिवक्ताओं को चार्जशीट दाखिल किए जाने की जानकारी मिली, उन्होंने इसका विरोध किया। वकीलों का कहना था कि पहले उनकी आपत्ति सुनी जानी चाहिए और चार्जशीट की कॉपी उन्हें दिखाई जानी चाहिए। इसी को लेकर कोर्ट परिसर में गहमागहमी की स्थिति बन गई।
वकीलों ने किया कार्य बहिष्कार
चार्जशीट दाखिल होने की जानकारी मिलने के बाद अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। उनका कहना है कि इस मामले में पहले उनकी आपत्ति पर विचार किया जाना चाहिए था। वकीलों के विरोध के बाद अधिवक्ता संघ की ओर से आगे की रणनीति को लेकर बैठक भी की गई। कोर्ट परिसर में मामले को लेकर गतिविधियां बढ़ गईं।
आठ आरोपियों के खिलाफ दाखिल हुई चार्जशीट
उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने इस मामले में जेल में बंद आठ आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। इससे पहले पुलिस ने करीब 40 हजार पन्नों की चार्जशीट तैयार किए जाने की जानकारी दी थी। मामले में चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया को लेकर पहले से ही चर्चा थी। 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से बताया गया था कि दो दिनों में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
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क्या है राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला?
राम मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से दिए जाने वाले चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी और गड़बड़ी के मामले की जांच पुलिस कर रही थी। इस मामले में जांच के दौरान कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। 22 सितंबर को सामने आई SIT की जांच संबंधी जानकारी में बताया गया था कि CCTV फुटेज की जांच के दौरान दान की रकम की गिनती वाले कमरे से बिना अनुमति पैसे हटाने या छिपाने की 105 घटनाएं सामने आई थीं। SIT को अपनी रिपोर्ट 25 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सौंपनी है।



















