Sunny Deol के बंगले की नीलामी हुई रद्द : बैंक ने 24 घंटे में वापस लिया नोटिस, कांग्रेस ने पूछा- ऐसे कौन से 'तकनीकी कारण' हैं ?

मुंबई। एक्टर और भाजपा सांसद सनी देओल के मुंबई के जुहू स्थित बंगले की नीलामी रोक दी गई है। बैंक ऑफ बड़ौदा ने 24 घंटे में ही ई-ऑक्शन का नोटिस वापस ले लिया। बैंक ने तकनीकी कारणों के चलते यह फैसला लेने की बात कही है। वहीं अब इस फैसले पर कांग्रेस ने सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस ने पूछा कि, नोटिस वापस लेने के लिए 'तकनीकी कारणों' को किसने उकसाया है।
नीलामी का निकाला था विज्ञापन
बैंक ने सोमवार को अखबारों में खंडन जारी कर कहा- यह नोटिस तकनीकी कारणों से वापस लिया जा रहा है। सनी देओल की प्रॉपर्टी की नीलामी नहीं होगी। इससे एक दिन पहले ही बैंक ऑफ बड़ौदा ने सनी को करीब 56 करोड़ की बकाया राशि को लेकर नोटिस जारी किया था। इस लोन में गारंटर के तौर पर सनी के पिता धर्मेंद्र का नाम लिखा गया है। लोन न चुका पाने की दशा में उनके जुहू स्थित ‘सनी विला’ की नीलामी करने की बात कही गई थी। विला को नीलाम करने का विज्ञापन भी निकाला गया था।
कांग्रेस ने फैसले पर उठाए सवाल
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पोस्ट पर कहा, 'कल दोपहर को देश को पता चला कि बैंक ऑफ बड़ौदा ने भाजपा सांसद सनी देओल के जुहू में स्थित आवास को ई-नीलामी के लिए रखा है, क्योंकि उन्होंने बैंक का 56 करोड़ रुपए नहीं चुकाया है। आज सुबह 24 घंटे से भी कम समय में देश को पता चला कि बैंक ऑफ बड़ौदा ने 'तकनीकी कारणों' से नीलामी नोटिस वापस ले लिया है। आश्चर्य है कि इन 'तकनीकी कारणों' को किसने ट्रिगर किया?क्या है पूरा मामला
बैंक ऑफ बड़ौदा ने सनी देओल के विला की नीलामी का विज्ञापन निकाला था। सनी ने लोन के लिए मुंबई के जुहू स्थित ‘सनी विला’ मॉर्टगेज पर दिया था। इसके बदले उन्हें बैंक को 56 करोड़ रुपए चुकाने थे, जो अभी तक नहीं चुकाए गए हैं। लोन और उसपर लगा ब्याज वसूलने के लिए बैंक ने इस प्रॉपर्टी को नीलाम करने का फैसला किया था। इसके लिए बकायदा विज्ञापन भी निकाला गया। बैंक ने जो विज्ञापन निकाला, उसमें सनी के गांरटर के तौर पर पिता धर्मेंद्र का नाम है। बैंक के विज्ञापन के मुताबिक, ‘सनी विला’ की नीलामी 25 सितंबर को होनी थी। इस नीलामी के लिए प्रॉपर्टी का रिजर्व प्राइस 51.43 करोड़ रुपए रखा गया था।




















