Delhi-NCR में जहरीली हवा से राहत नहीं :AQI 400 पार, GRAP-3 लागू; BS-6 से नीचे गाड़ियों की एंट्री पर परमानेंट बैन

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। शनिवार को दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 385 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी के बेहद करीब है। हालात को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने GRAP का स्टेज-3 लागू कर दिया है, जबकि GRAP-4 की दो सख्त पाबंदियों को स्थायी रूप से लागू करने का फैसला लिया गया है।
दिल्ली के आधे स्टेशनों पर ‘गंभीर’ प्रदूषण
राजधानी के 40 AQI मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 20 स्टेशनों पर AQI 400 से ज्यादा दर्ज किया गया। शादीपुर, विवेक विहार, अशोक नगर, बवाना, चांदनी चौक, डीटीयू, द्वारका, आईटीओ और मुंडका जैसे इलाकों में हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में रही।
रविवार, 28 दिसंबर को भी हालात में कोई खास सुधार नहीं दिखा। सुबह घना कोहरा और स्मॉग छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी काफी कम हो गई।
इन इलाकों में AQI 400 पार
आनंद विहार और शादीपुर में सुबह 7 बजे AQI 445 दर्ज किया गया। इसके अलावा जहांगीरपुरी, वजीरपुर, नेहरू नगर, रोहिणी, पटपड़गंज, पंजाबी बाग और विवेक विहार समेत कई इलाकों में AQI 420 से ऊपर रहा, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है।
NCR में भी बिगड़े हालात
दिल्ली से सटे एनसीआर क्षेत्रों में भी प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना हुआ है।
नोएडा सेक्टर-125: 414
वसुंधरा: 428
लोनी: 418
ग्रेटर नोएडा (Knowledge Park-III): 386
गुरुग्राम सेक्टर-51: 355
इन इलाकों में हवा ‘बेहद खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में बनी हुई है।
GRAP-3 लागू, GRAP-4 की दो पाबंदियां स्थायी
प्रदूषण को काबू में करने के लिए CAQM ने GRAP-3 लागू किया है। वहीं पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बड़ा फैसला लेते हुए GRAP-4 की दो पाबंदियों को स्थायी रूप से लागू करने की घोषणा की है।
अब दिल्ली में:
- बिना वैध पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (PUCC) वाले पेट्रोल-डीजल वाहनों की एंट्री पर स्थायी बैन।
- BS-6 मानक से कम वाहनों की राजधानी में एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित।
ये पाबंदियां अब अगले आदेश तक लागू रहेंगी।
GRAP-3 के तहत क्या-क्या रहेगा बंद
- बोरिंग, ड्रिलिंग और सभी तरह की खुदाई पर रोक।
- कंस्ट्रक्शन और तोड़फोड़ के काम बंद।
- सीवर, ड्रेनेज और केबल डालने के काम पर रोक।
- ईंट-चिनाई, प्लास्टर, पेंटिंग, पॉलिश और कोटिंग बंद।
- वेल्डिंग और गैस कटिंग के बड़े काम नहीं होंगे।
- सड़क निर्माण और बड़ी रिपेयरिंग पर रोक।
- धूल पैदा करने वाले सामान की लोडिंग-अनलोडिंग बंद।
- BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल वाहनों की आवाजाही पर रोक।
- 50% कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य।
सरकार ने पहले ही सभी सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम लागू कर दिया है। हालांकि हेल्थकेयर, फायर सर्विस, जेल प्रशासन, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और आपदा प्रबंधन जैसी जरूरी सेवाओं को इससे छूट दी गई है।
प्रदूषण कम करने के लिए सरकार के 6 बड़े कदम
- प्राइवेट वाहनों को कम करने के लिए कार-पूलिंग ऐप।
- 70 मैकेनिकल रोड स्वीपर, 1,000 कूड़ा वाहन और 300 वॉटर स्प्रिंकलर तैनात।
- सड़कों के गड्ढों की निगरानी के लिए थर्ड पार्टी सर्वे।
- ट्रैफिक जाम के अनुसार सिग्नल टाइम बदलने की व्यवस्था।
- गूगल मैप्स के साथ मिलकर 100 प्रदूषण हॉटस्पॉट चिन्हित।
- पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए 100 नई इलेक्ट्रिक बसें।
मानसिक स्वास्थ्य पर भी खतरा
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि, जहरीली हवा केवल फेफड़ों और दिल ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी गंभीर नुकसान पहुंचा रही है। शोध के अनुसार बच्चों में बौद्धिक विकास प्रभावित हो सकता है, जबकि लंबे समय तक प्रदूषण के संपर्क में रहने से अवसाद, चिंता, स्मृति कमजोर होने और अल्जाइमर व पार्किंसन जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
3 जनवरी से और गिरेगा पारा
IMD के मुताबिक शनिवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 22.2 डिग्री और न्यूनतम 7.8 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 3 जनवरी से तापमान में और गिरावट आ सकती है। ठंड, कोहरा और प्रदूषण के इस ट्रिपल अटैक ने दिल्लीवालों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
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