रायपुर में सुधांशु त्रिवेदी का कांग्रेस पर तीखा हमला: बोले- छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद खत्म, अब दिल्ली में बैठे हैं ‘दिमागी नक्सल’

रायपुर: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब सियासी बयानबाजी का नया मोर्चा खुल गया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश से नक्सलवाद खत्म हो गया है, लेकिन ‘दिमागी नक्सल’ दिल्ली में बैठ गए हैं। शुक्रवार को रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण, EVM और लोकतंत्र को लेकर कांग्रेस के सवालों पर जवाब दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर देश में भ्रम और अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।
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दिल्ली में बैठे ‘दिमागी नक्सल’, सुधांशु त्रिवेदी के बयान से गरमाई सियासत
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में बड़ी सफलता मिली है, लेकिन देश की राजधानी दिल्ली में बैठकर कुछ लोग वैचारिक स्तर पर देश की व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके इस बयान को कांग्रेस और राहुल गांधी पर सीधा राजनीतिक हमला माना जा रहा है।

भारत की बढ़ती ताकत से कई शक्तियां परेशान: त्रिवेदी
त्रिवेदी ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और तेजी से वैश्विक स्तर पर मजबूत हो रहा है। भारत की बढ़ती ताकत दुनिया की कई शक्तियों को पसंद नहीं आ रही है। उनके मुताबिक, इसी वजह से देश में अलग-अलग तरह के षड्यंत्र रचे जा रहे हैं। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जब फैसले उनकी इच्छा के मुताबिक नहीं होते, तब उनका व्यवहार सामने आ जाता है।
SIR पर कांग्रेस के सवालों का दिया जवाब, BLO की भूमिका समझाई
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस की आपत्तियों पर सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि इस प्रक्रिया में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) मतदाताओं के घर तीन बार जाते हैं। इसके अलावा राजनीतिक दलों को भी अपने प्रतिनिधि और एजेंट नियुक्त करने का अवसर मिलता है। उन्होंने दावा किया कि देशभर में राजनीतिक दलों के ऐसे एजेंटों की संख्या करीब 22 लाख है। त्रिवेदी ने सवाल उठाया कि यदि कांग्रेस को मतदाता सूची की प्रक्रिया पर आपत्ति है, तो क्या वह अपने ही कार्यकर्ताओं और एजेंटों की भूमिका पर सवाल उठा रही है?
45 दिन का समय, फिर अभी से क्यों उठ रहे सवाल?
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि चुनाव परिणाम आए अभी केवल 15 दिन हुए हैं, जबकि मतदाता सूची से संबंधित आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 45 दिन का समय निर्धारित किया गया है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को पहले निर्धारित समयसीमा का इंतजार करना चाहिए। प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही सवाल उठाना और भ्रम फैलाना उचित नहीं है।
EVM के बाद अब वोटर लिस्ट पर कांग्रेस का हमला!
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस पहले इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर सवाल उठाती रही है और अब मतदाता सूची की विश्वसनीयता को लेकर सवाल खड़े कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का उद्देश्य केवल सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि देश में राजनीतिक अस्थिरता और अराजकता का माहौल बनाना है।
अंग्रेजों की नीति ‘बांटो और राज करो’, कांग्रेस पर ‘बांटो और बर्बाद करो’ का तंज
त्रिवेदी ने कांग्रेस की राजनीति की तुलना अंग्रेजों की बांटो और राज करो की नीति से करते हुए कहा कि अंग्रेजों की नीति बांटो और राज करो की थी, जबकि कांग्रेस बांटो और बर्बाद करो की नीति पर चल रही है। रायपुर में दिए गए इस बयान के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा और गर्म होने के संकेत हैं।




















