रायगढ़ में इंदौर के साइबर ठगी सिंडिकेट का भंडाफोड़, 3 युवतियों समेत 5 गिरफ्तार शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 34.17 लाख की ठगी का खुलासा

रायपुर/रायगढ़: शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर 34 लाख रुपये से अधिक की ऑनलाइन ठगी करने वाले साइबर नेटवर्क पर रायगढ़ पुलिस ने बड़ा प्रहार किया है। पुलिस ने मध्यप्रदेश के इंदौर में दबिश देकर तीन युवतियों और दो युवकों समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में कॉल सेंटर, म्यूल बैंक खातों और कमीशन के जरिए ठगी की रकम के लेनदेन का कनेक्शन सामने आया है। इस कार्रवाई से रायगढ़ साइबर पुलिस थाने में दर्ज दो मामलों का खुलासा हुआ है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है।
34.17 लाख की ठगी से खुला साइबर सिंडिकेट का राज
रायगढ़ के सोनकरपारा निवासी डॉ. दिलीप कुमार मिश्रा को शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा देकर 34 लाख 17 हजार 531 रुपये की ठगी की गई। शिकायत के अनुसार, मार्च 2025 में मोबाइल फोन के जरिए सुनील नाम के व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया था। उसने स्पार्टन ट्रेड कंपनी में निवेश करने पर बेहतर रिटर्न मिलने का भरोसा दिलाया।

संबंधित खबर: फेसबुक पर IAS सुबोध कुमार सिंह की फर्जी ID, शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 88 लाख की ठगी,यूपी से 2 आरोपी गिरफ्तार
WhatsApp पर भेजा पोर्टफोलियो, मुनाफे का दिखाया फर्जी सपना
आरोपियों ने व्हाट्सऐप के माध्यम से कंपनी का पोर्टफोलियो भेजकर निवेश के लिए भरोसा दिलाया। इसके बाद अलग-अलग मोबाइल नंबरों से अन्य लोगों ने भी संपर्क किया और लगातार निवेश कराया। 28 अप्रैल 2025 से 3 अप्रैल 2026 के बीच डॉ. मिश्रा से कुल 34,17,531 रुपये जमा कराए गए। शुरुआत में निवेश की रकम पर बढ़ता हुआ मुनाफा पोर्टफोलियो में दिखाया जाता रहा। लेकिन जब पीड़ित ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो निकासी नहीं हो सकी। उल्टा, उनसे और अधिक पैसा निवेश करने का दबाव बनाया जाने लगा। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने 27 मई 2026 को साइबर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
बैंक खाते को बनाया ठगी की रकम का रास्ता, कमीशन का भी खुलासा
इस पूरे नेटवर्क की जांच के दौरान पुलिस को दूसरा मामला भी मिला। हिल व्यू कॉलोनी, जिंदल निवासी सूरज शर्मा ने 27 सितंबर 2026 को साइबर पुलिस थाने में आवेदन देकर अपने पंजाब नेशनल बैंक खाते के कथित दुरुपयोग की शिकायत की थी। उसके खाते में 12 दिसंबर 2025 से 7 जनवरी 2026 के बीच 18 बार में कुल 2,97,298 रुपये का लेनदेन हुआ था। रकम प्राप्त करने और नकद निकासी के बाद महाराष्ट्र, कर्नाटक और पंजाब में शिकायतें दर्ज होने पर बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया था।
गायत्री विश्वकर्मा के जरिए कमीशन मिलने के साक्ष्य
बैंक ट्रांजेक्शन की जांच में विवादित धनराशि में से इंदौर निवासी गायत्री विश्वकर्मा के माध्यम से सूरज शर्मा को नकद और यूपीआई से कमीशन मिलने की जानकारी सामने आई। पुलिस को आशंका है कि बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए म्यूल अकाउंट के रूप में किया गया। इस मामले में 30 सितंबर 2026 को अपराध क्रमांक 13/2026 के तहत बीएनएस की धारा 318(4), 3(5) में सूरज शर्मा और गायत्री विश्वकर्मा के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
संबंधित खबर: CG NEWS: 1000 करोड़ की निवेश ठगी का खुलासा, दुबई से लौटते ही कोर्ट परिसर में दबोचा गया मास्टरमाइंड
इंदौर के कॉल सेंटर में पुलिस की दबिश, ऐसे पकड़े गए आरोपी
दोनों मामलों की तकनीकी जांच में संदिग्ध मोबाइल नंबरों की लोकेशन इंदौर के अलग-अलग इलाकों में मिली। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में साइबर पुलिस की विशेष टीम इंदौर रवाना की गई। पुलिस ने सबसे पहले इंदौर के पलासिया क्षेत्र स्थित एक कॉल सेंटर में दबिश देकर गायत्री विश्वकर्मा और तनिषा पाटिल को पकड़ा। इसके बाद विजय नगर क्षेत्र से ज्योति मालवीय को गिरफ्तार किया गया। ज्योति से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने परदेशीपुरा क्षेत्र में कार्रवाई कर तरुण नागर को भी गिरफ्तार कर लिया।
खरसिया में रिश्तेदार के घर छिपा मिला पांचवां आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया कि सूरज शर्मा इंदौर से खरसिया आकर अपने रिश्तेदार के यहां रह रहा था। पुलिस टीम ने उसे भी पकड़ लिया। सभी आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी करने के बाद रायगढ़ लाया गया।
संबंधित खबर: साइबर ठगों पर पुलिस का डिजिटल स्ट्राइक: पुलिस ने IMEI ब्लॉक कर काट दी ठगी की 'लाइफलाइन'
पांच गिरफ्तार, मोबाइल फोन जब्त; दूसरे राज्यों तक जांच का दायरा
रायगढ़ पुलिस ने इस कार्रवाई में ज्योति मालवीय, तनिषा पाटिल, तरुण नागर, गायत्री कुमारी विश्वकर्मा और सूरज शर्मा को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से अपराध में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। पुलिस संबंधित बैंक खातों और लेनदेन का रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। पुलिस के अनुसार, अपराध क्रमांक 06/2026 में तरुण नागर, ज्योति मालवीय और तनिषा पाटिल की भूमिका सामने आई है। वहीं अपराध क्रमांक 13/2026 में सूरज शर्मा, गायत्री विश्वकर्मा और तनिषा पाटिल की भूमिका की जांच की जा रही है।
दूसरे राज्यों में भी हो सकती है नेटवर्क की कड़ियां
पुलिस जांच में इस साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों के नाम भी सामने आए हैं। रायगढ़ पुलिस की टीमें दूसरे राज्यों में संभावित आरोपियों की तलाश कर रही हैं। मोबाइल फोन, तकनीकी साक्ष्य और बैंकिंग ट्रांजेक्शन के आधार पर नेटवर्क की अन्य कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस का बयान
एडिशनल एसपी रायगढ़ अनिल कुमार सोनी के अनुसार, दोनों मामलों की विवेचना के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग लेनदेन के आधार पर इंदौर से आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।



















