नई दिल्ली। आज 30 जनवरी को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 78वीं पुण्यतिथि और शहीद दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर देशभर में उनके आदर्शों और शिक्षाओं को याद किया गया। राजधानी दिल्ली के राजघाट पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई अन्य बड़े नेताओं ने महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की। गांधी जी ने हमेशा सत्य और अहिंसा का मार्ग अपनाने की प्रेरणा दी, जो आज भी देशवासियों के लिए मार्गदर्शक है।
इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई बड़े नेता राजघाट पहुंचे और महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने गांधी जी को याद करते हुए उनके जीवन और आदर्शों पर प्रकाश डाला।
प्रधानमंत्री मोदी ने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा- राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर मेरा शत-शत नमन। पूज्य बापू का हमेशा स्वदेशी पर बल रहा, जो विकसित और आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का आधारस्तंभ है। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व देशवासियों को कर्तव्य पथ पर चलने के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी X पर अपने विचार साझा किए और कहा कि महात्मा गांधी एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक सोच और आदर्श हैं। उन्होंने लिखा कि, महात्मा गांधी ने हमें मूलमंत्र दिया कि सत्ता की ताकत से बड़ी सत्य की शक्ति होती। हिंसा और भय से बड़ी अहिंसा और साहस होती है। यह सोच मिट नहीं सकती, क्योंकि गांधी भारत की आत्मा में अमर हैं। बापू को उनके शहीदी दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि, गांधी जी की सोच कभी किसी साम्राज्य, नफरत या अहंकारी सत्ता द्वारा मिटाई नहीं जा सकती। उनकी विचारधारा आज भी देशवासियों को सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करती है।
महात्मा गांधी ने स्वदेशी, अहिंसा और सत्याग्रह को जीवन का मूलमंत्र बनाया। उनके आदर्श आज भी देश के नागरिकों, नेताओं और युवाओं के लिए मार्गदर्शक हैं।
स्वदेशी: अपने देश के उत्पादों और संसाधनों को महत्व देना।
अहिंसा: किसी भी परिस्थिति में हिंसा से बचना और सहिष्णुता अपनाना।
सत्याग्रह: अन्याय के खिलाफ शांतिपूर्ण संघर्ष का मार्ग।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में भी इसे दोहराया और कहा कि, गांधी जी की यह शिक्षाएं आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प की नींव हैं।
महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर राजधानी दिल्ली के अलावा पूरे भारत में कार्यक्रम आयोजित किए गए। राजघाट, साबरमती आश्रम और अन्य गांधी आश्रमों में पुष्पांजलि अर्पित की गई। स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संस्थानों में गांधी जी के विचारों पर व्याख्यान और कार्यक्रम आयोजित किए गए।
देशभर के नागरिकों ने सोशल मीडिया पर भी गांधी जी को याद किया और उनके संदेशों को साझा किया। यह दिन केवल श्रद्धांजलि देने का दिन नहीं, बल्कि सत्य, अहिंसा और देशभक्ति का संदेश फैलाने का अवसर भी है।
महात्मा गांधी की पुण्यतिथि हर साल 30 जनवरी को मनाई जाती है। 30 जनवरी 1948 को नई दिल्ली में नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या कर दी थी। इसी कारण इस दिन को देशभर में शहीद दिवस के रूप में भी याद किया जाता है।
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