माकपा के वरिष्ठ नेता एमएम लॉरेंस का निधन, 95 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

कोच्चि। केरल में 1950 में कम्युनिस्ट आंदोलन के दौरान यहां एडापल्ली में एक थाने पर हमले में शामिल रहे मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता एमएम लॉरेंस (MM Lawrence) का निधन हो गया है। वह 95 वर्ष के थे। लॉरेंस का एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया। वह आयु संबंधी बीमारियों का पिछले करीब एक महीने से इलाज करा रहे थे। इडुक्की सीट से लोकसभा सदस्य रह चुके लॉरेंस ने विभिन्न पदों पर कार्य किया।
कौन हैं एमएम लॉरेंस ?
- एमएम लॉरेंस ने माकपा केंद्रीय समिति के सदस्य, राज्य सचिवालय के सदस्य, ‘सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस' सीटू के प्रदेश महासचिव और वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के संयोजक के तौर पर सेवाएं दीं।
- एर्णाकुलम के निकट मुलवुकाड में 15 जून 1929 को जन्मे लॉरेंस ने देश की आजादी के संघर्ष में भाग लिया।
- लॉरेंस को जेब में तिरंगा झंडा रखकर आने के कारण सेंट अल्बर्ट स्कूल से निकाल दिया गया था।
- एमएम लॉरेंस ने ‘एर्णाकुलम म्युनिसिपल इस्लामिक स्कूल' में अपनी पढ़ाई जारी रखी।
- लॉरेंस ने 10वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अपनी औपचारिक शिक्षा पूरी की और राजनीति में सक्रिय रूप से शामिल हो गए।
- 1946 में एमएम लॉरेंस कम्युनिस्ट पार्टी में शामिल हुए।
- एडाप्पल्ली थाने पर 28 फरवरी 1950 की रात को हमला किया गया था। उस समय राज्य में कम्युनिस्ट पार्टी पर प्रतिबंध लगा हुआ था और उसके नेता छिपकर काम कर रहे थे। इस घटना को केरल के राजनीतिक इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक के रूप में याद किया जाता है।
- कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों के एक समूह ने 28 फरवरी को थाने पर हमला किया, लेकिन ग्रेनेड में विस्फोट नहीं हुआ।
- दो देसी बंदूकों और लाठियों से लैस पार्टी के सदस्यों ने दो पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी, लेकिन अपने नेताओं को छुड़ाने में असफल रहे, क्योंकि एक पुलिसकर्मी हवालात की चाबी अपने घर ले गया था। बाद में लॉरेंस एवं अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया था।





















