विशेष बच्चों के हुनर से सजेगा गणेशोत्सव, मिट्टी से गढ़ी प्रतिमाएं कोतवाली चौराहे पर बनेंगी आकर्षण का केंद्र

सीहोर। गणेशोत्सव इस बार सीहोर में आस्था और उत्सव का पर्व नहीं, बल्कि विशेष बच्चों की प्रतिभा, मेहनत और आत्मविश्वास को सम्मान देने का अवसर भी बनेगा। वसुंधरा वेलफेयर फाउंडेशन के विशेष बच्चों ने अपने हाथों से मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं तैयार की हैं। इन प्रतिमाओं की बिक्री के लिए लायंस क्लब सीहोर की पहल पर रविवार 13 सितंबर को कोतवाली चौराहा पर विशेष स्टॉल लगाया जाएगा। यहां शहरवासी इन प्रतिमाओं को अपने घर ले जाकर न केवल गणपति की स्थापना करेंगे, बल्कि उन नन्हे कलाकारों की मेहनत को भी प्रोत्साहन देंगे।
मिट्टी को आकार देकर बच्चों ने रची आस्था
वसुंधरा वेलफेयर फाउंडेशन में विशेष बच्चों को शिक्षा के साथ संगीत, कला और विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसी क्रम में बच्चों ने मिट्टी को आकार देकर भगवान गणेश की सुंदर प्रतिमाएं तैयार की हैं। प्रतिमाओं को बनाते समय बच्चों ने पूरे उत्साह, श्रद्धा और लगन के साथ काम किया। उनके छोटे-छोटे हाथों से तैयार हुई ये प्रतिमाएं उनकी कल्पनाशक्ति और कलात्मक क्षमता की खूबसूरत झलक पेश करती हैं।
प्रतिमा खरीदना नहीं, एक सपने को सहारा देना होगा
कोतवाली चौराहा पर लगने वाला यह स्टॉल महज गणेश प्रतिमाओं की बिक्री का केंद्र नहीं होगा। इसके पीछे विशेष बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उनकी प्रतिभा को पहचान दिलाने का भाव जुड़ा है। जब कोई शहरवासी इन बच्चों के हाथों से बनी गणेश प्रतिमा खरीदकर अपने घर ले जाएगा, तो वह अपने साथ केवल भगवान गणेश की प्रतिमा नहीं, बल्कि किसी बच्चे की मेहनत, उम्मीद और आत्मविश्वास भी लेकर जाएगा।
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हर प्रतिमा में दिखाई देगी मेहनत और उम्मीद
विशेष बच्चों द्वारा तैयार की गई प्रत्येक प्रतिमा अपने आप में एक कहानी समेटे है। मिट्टी को गढ़ने से लेकर गणेशजी का स्वरूप देने तक बच्चों ने धैर्य और उत्साह के साथ अपनी कला का प्रदर्शन किया। यह पहल उस सोच को मजबूती देती है कि विशेष बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं होती। जरूरत सिर्फ उन्हें अवसर, मार्गदर्शन और समाज का प्रोत्साहन देने की है।
लायंस क्लब ने शहरवासियों से किया भावुक आह्वान
लायंस क्लब सीहोर की पहल से आयोजित इस स्टॉल के माध्यम से बच्चों को आर्थिक सहयोग के साथ भावनात्मक संबल भी मिलेगा। क्लब ने शहरवासियों से अपील की है कि वे रविवार 13 सितंबर को कोतवाली चौराहा पहुंचें और इन बच्चों द्वारा बनाई गई गणेश प्रतिमाओं को खरीदें। नागरिकों की छोटी-सी पहल इन बच्चों के आत्मविश्वास को बड़ी ताकत दे सकती है और उन्हें यह एहसास करा सकती है कि समाज उनकी प्रतिभा को देख रहा है, समझ रहा है और सम्मान दे रहा है।
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गणेशजी के साथ घर पहुंचेगा बच्चों का आशीर्वाद
इस गणेशोत्सव में यदि किसी घर में इन नन्हे कलाकारों के हाथों से बनी गणेश प्रतिमा विराजमान होती है, तो वह स्थापना अपने आप में विशेष होगी। क्योंकि उस प्रतिमा में सिर्फ मिट्टी और कला नहीं, बल्कि बच्चों की मेहनत, सपने और आगे बढ़ने की चाह भी शामिल होगी। यही इस पहल की सबसे खूबसूरत बात है-गणेशजी की प्रतिमा खरीदते हुए शहर उनके हुनर को सम्मान और उनके भविष्य को उम्मीद देगा।




















