हरदा में दादा गुरु ने दिए आशीर्वचन, बोले-कृति की सेवा ही ईश्वर की सच्ची आराधना

हरदा। मां नर्मदा के परम भक्त, अवधूत सिद्ध महायोगी दादा गुरु भगवान का मंगलवार को आगमन हुआ। खंडवा बायपास स्थित मां रेवा गार्डन में भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष नितेश बादर, समाजसेवी उत्तम तेनगुरिया, राकेश शर्मा सहित अन्य भक्तों ने दादा गुरु की अगवानी की। भक्तों ने पुष्प वर्षा कर उनकी चरण वंदना की। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला-पुरुष धर्मप्रेमीजन मौजूद रहे।
प्रकृति की सेवा को बताया ईश्वर की सच्ची आराधना
दादा गुरु भगवान ने अपने आशीर्वचन में प्रकृति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए नदी, पर्वत, वृक्ष और धरा को साक्षात परमात्मा का स्वरूप बताया। उन्होंने कहा कि प्रकृति की सेवा ही ईश्वर की सच्ची आराधना है। प्रकृति की नियमित पूजा और संरक्षण से संकट दूर होते हैं तथा जीवन में सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने भक्तों से प्रकृति के प्रति श्रद्धा और जिम्मेदारी का भाव विकसित करने का आह्वान किया।

मिट्टी की गणेश प्रतिमा स्थापित करने का आह्वान
दादा गुरु भगवान ने आगामी गणेश उत्सव में मिट्टी की प्रतिमाएं स्थापित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पीओपी से बनी प्रतिमाओं में मौजूद रासायनिक तत्व विसर्जन के दौरान नदियों में पहुंचकर जल को प्रदूषित करते हैं और जलीय जीवों के लिए नुकसानदायक होते हैं। उन्होंने मिट्टी और गोबर से निर्मित प्रतिमाओं को महत्व देने तथा घरों में मिट्टी की प्रतिमा स्थापित करने का संदेश दिया।
ये भी पढ़ें: विशेष बच्चों के हुनर से सजेगा गणेशोत्सव, मिट्टी से गढ़ी प्रतिमाएं कोतवाली चौराहे पर बनेंगी आकर्षण का केंद्र
घर के गमलों में लगाएं देववृक्ष
साथ ही घर में गमले में देववृक्ष लगाकर उसकी नियमित पूजा करने और अनंत चतुर्दशी पर प्रतिमा विसर्जन के बाद देववृक्ष को उचित स्थान पर स्थापित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि इससे प्रकृति के प्रति भाव विकसित होगा और जीवन में आनंद व सुख का संचार होगा। कार्यक्रम में मौजूद भक्तों ने गुरु के वचनों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
ये भी पढ़ें: सीहोर की नन्ही वान्या का बड़ा कमाल, ढाई साल की उम्र में इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराया अपना नाम




















