केदारशिला बनी आस्था का केंद्र : सिद्धपुर में सावन भर उमड़ रहा श्रद्धालुओं का सैलाब, दर्शन-स्पर्श को लगी कतारें

सीहोर। जिले के सिद्धपुर स्थित श्री राम गौशाला गोतीर्थ क्षेत्र इन दिनों शिवभक्ति और आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है। श्री केदारनाथ महादेव मंदिर परिसर में विराजमान पवित्र केदारशिला के दर्शन और स्पर्श के लिए सुबह की मंगल बेला से लेकर देर रात तक हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से पूरा परिसर शिवमय वातावरण में डूबा हुआ है। श्रद्धालु पूरे विश्वास और भक्ति के साथ बाबा केदारनाथ का आशीर्वाद प्राप्त कर अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
सुबह मंगल अभिषेक से शुरू होती है भक्तिमय दिनचर्या
मंदिर में प्रतिदिन प्रातःकाल भगवान केदारनाथ का विधिवत मंगल अभिषेक एवं दिव्य श्रृंगार किया जाता है। पंडित मोहित पाठक ने बताया कि अभिषेक के बाद श्रद्धालुओं के लिए दर्शन प्रारंभ होते हैं। सावन मास के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर बाबा केदारनाथ का पूजन-अर्चन कर रहे हैं। जैसे-जैसे दिन चढ़ता है, मंदिर परिसर श्रद्धालुओं की भीड़ से पूरी तरह भर जाता है।

केदारशिला के स्पर्श को लेकर अटूट आस्था
श्रद्धालुओं की मान्यता है कि केदारशिला के दर्शन और स्पर्श मात्र से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, सुख और समृद्धि का संचार होता है। यही विश्वास लोगों को दूर-दराज के क्षेत्रों से भी सिद्धपुर तक खींच लाता है। श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ केदारशिला का स्पर्श कर भगवान शिव के चरणों में अपनी प्रार्थनाएं अर्पित कर रहे हैं।
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बिल्वपत्र और पांच अक्षत अर्पण की अनूठी परंपरा
मंदिर में "एक बिल्वपत्र एवं पांच अक्षत अर्पण" की विशेष धार्मिक परंपरा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। भक्त इस परंपरा का पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ पालन करते हुए भगवान शिव का पूजन कर रहे हैं। इस अनूठी धार्मिक परंपरा ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया है और मंदिर परिसर दिनभर शिवभक्ति में सराबोर नजर आता है।
संतों के सान्निध्य ने बढ़ाया आयोजन का आध्यात्मिक महत्व
इस पावन अवसर पर पूज्य श्री श्री 108 धर्म रक्षक संत पंडित दुर्गा प्रसाद जी कटारे बाबा का आशीर्वाद श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ। वहीं कथा व्यास, परम गौभक्त एवं राष्ट्रसेवी संत पंडित मोहितराम जी पाठक की गरिमामयी उपस्थिति ने पूरे आयोजन को और अधिक भक्तिमय बना दिया। संतों के सान्निध्य में श्रद्धालुओं ने धर्म, सेवा और गौसंरक्षण का संदेश भी आत्मसात किया।
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प्रसादी और सेवा से जीत रहा श्रद्धालुओं का मन
आश्रम परिवार एवं समिति द्वारा सुबह श्रद्धालुओं को साबूदाना खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया गया, जबकि रात्रि में भी प्रसादी का वितरण किया जा रहा है। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण कर सेवा कार्यों की सराहना की। स्वयंसेवक पूरे दिन व्यवस्थाओं में जुटे रहे ताकि दर्शनार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

धर्म, सेवा और गौसंरक्षण का बन रहा प्रेरणास्थल
सीवन नदी तट स्थित सेकड़ा खेड़ी रोड पर स्थापित श्री राम गौशाला गोतीर्थ क्षेत्र, श्री माधव महाकाल आरोग्य आश्रम एवं श्री केदारनाथ महादेव मंदिर परिसर केवल धार्मिक गतिविधियों का केंद्र ही नहीं, बल्कि गौसंरक्षण, सेवा और धर्म प्रचार का भी महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है। सावन के इस पावन अवसर पर यहां उमड़ रही श्रद्धा यह संकेत दे रही है कि सिद्धपुर आने वाले समय में क्षेत्र के प्रमुख तीर्थ स्थलों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।












