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Mangala Gauri Vrat 2026 :कब है दूसरा मंगला गौरी व्रत? जानें शुभ मुहूर्त और पूजा का महत्व

सावन का दूसरा मंगला गौरी व्रत 11 अगस्त 2026 को रखा जाएगा। जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, भद्रा काल, व्रत के नियम और इसका धार्मिक महत्व। मान्यता है कि इस व्रत को करने से अखंड सौभाग्य, पति की लंबी आयु और वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
कब है दूसरा मंगला गौरी व्रत? जानें शुभ मुहूर्त और पूजा का महत्व
कब रखा जाएगा दूसरा मंगला गौरी व्रत?

सावन माह के हर मंगलवार को मंगला गौरी व्रत रखा जाता है। इस दिन माता गौरी के साथ भगवान शिव और श्रीगणेश की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से अखंड सौभाग्य, सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन में खुशहाली आती है। इस साल सावन का दूसरा मंगला गौरी व्रत 11 अगस्त 2026 को पड़ रहा है।

दूसरा मंगला गौरी व्रत कब है?

वैदिक पंचांग के अनुसार, दूसरा मंगला गौरी व्रत 11 अगस्त 2026, मंगलवार को रखा जाएगा। इस दिन सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि रहेगी, जो 12 अगस्त की रात 01 बजकर 52 मिनट तक रहेगी।

कृष्ण चतुर्दशी

आरम्भ: 04:54 ए एम, अगस्त 11

अन्त: 01:52 ए एम, अगस्त 12

जानें शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त : 04:22 ए एम से 05:05 ए एम

प्रातः सन्ध्या : 04:44 ए एम से 05:48 ए एम

अभिजित मुहूर्त : 12:00 पी एम से 12:53 पी एम

विजय मुहूर्त : 02:39 पी एम से 03:32 पी एम

गोधूलि मुहूर्त : 07:04 पी एम से 07:26 पी एम

सायाह्न सन्ध्या : 07:04 पी एम से 08:09 पी एम

अमृत काल : 07:59 ए एम से 09:25 ए एम

निशिता मुहूर्त : 12:05 ए एम, अगस्त 12 से 12:48 ए एम, अगस्त 12

Mangala Gauri Vrat 2026 : कब है पहला मंगला गौरी व्रत? बन रहे हैं 3 शुभ योग, जानें पूजा का सही समय और नियम

नवविवाहित महिलाओं के लिए विशेष नियम

जिन महिलाओं का इस साल विवाह हुआ है और यह उनका पहला सावन है, उन्हें मंगला गौरी का व्रत अपने मायके में करना चाहिए। इसके बाद अगले चार वर्षों तक यह व्रत ससुराल में करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विवाह के बाद लगातार पांच साल तक मंगला गौरी व्रत करना शुभ माना जाता है।

दूसरे मंगला गौरी व्रत पर भद्रा 

दूसरे मंगला गौरी व्रत के दिन भद्रा का भी संयोग रहेगा।

भद्रा : सुबह 05:48 बजे से दोपहर 03:22 बजे तक

मंगला गौरी व्रत का महत्व

मान्यता है कि मंगला गौरी व्रत करने से सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। इससे पति की आयु लंबी होती है और दांपत्य जीवन सुखमय बना रहता है। वहीं, जिन युवतियों का विवाह नहीं हुआ है या शादी में बाधाएं आ रही हैं, वे भी यह व्रत रखती हैं। माना जाता है कि मंगला गौरी व्रत से जल्द विवाह के योग बनते हैं और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।

Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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