सीहोर: स्कूलों का निरीक्षण करने पहुंचे शिक्षा सचिव संजय गोयल, सेमली जदीद स्कूल को बताया सबसे बेस्ट

सीहोर। सचिव ने इछावर विकासखंड के शासकीय हाई स्कूल सेमली जदीद, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय सेमली जदीद और सीहोर विकासखंड की शासकीय माध्यमिक शाला जहांगीरपुर पहुंचकर शिक्षा व्यवस्था, विद्यार्थियों की उपस्थिति, स्मार्ट क्लास, शैक्षणिक गतिविधियों और उपलब्ध सुविधाओं की जमीनी स्थिति देखी। निरीक्षण के दौरान सेमली जदीद स्कूल की व्यवस्थाओं से प्रभावित होकर उन्होंने इसे पिछले करीब डेढ़ महीने में देखे गए 25-30 स्कूलों में अब तक का सबसे बेहतर स्कूल बताया।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्कूलों तक पहुंचे सचिव
डॉ. गोयल ने निरीक्षण के दौरान बताया कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को खुद स्कूलों में जाकर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति देखने के निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में वे लगातार स्कूलों का निरीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केवल कार्यालयों में बैठकर शिक्षा व्यवस्था का आकलन नहीं किया जा सकता, इसलिए स्कूलों में पहुंचकर शिक्षकों और विद्यार्थियों से सीधे संवाद करना जरूरी है। उन्होंने स्कूलों में मौजूद कमियों के साथ-साथ बेहतर काम करने वाले शिक्षकों और अधिकारियों को भी चिन्हित करने पर जोर दिया।
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स्मार्ट पैनल से पढ़ाई देख सचिव हुए प्रभावित
शासकीय हाई स्कूल सेमली जदीद पहुंचने पर सचिव ने कक्षाओं का निरीक्षण किया और स्मार्ट पैनल के माध्यम से संचालित शिक्षण व्यवस्था को देखा। उन्होंने विद्यार्थियों से पाठ्यक्रम से जुड़े सवाल पूछकर उनकी समझ का आकलन किया। विद्यालय में निर्मित टीन शेड, शैक्षणिक सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली। प्राचार्य शिवनारायण पटेल से विद्यालय के विकास कार्यों और शैक्षणिक गतिविधियों के संबंध में जानकारी लेते हुए उन्होंने स्कूल की व्यवस्थाओं की सराहना की।
25-30 स्कूल देखे, सेमली जदीद को बताया सबसे बेहतर
निरीक्षण के बाद डॉ. गोयल ने कहा कि वे पिछले करीब डेढ़ महीने में प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में लगभग 25 से 30 स्कूलों का निरीक्षण कर चुके हैं। इन निरीक्षणों के दौरान उन्होंने स्कूलों में पढ़ाई, उपस्थिति, डिजिटल सुविधाओं और व्यवस्थाओं को नजदीक से देखा है। उन्होंने सेमली जदीद स्कूल की व्यवस्थाओं को अब तक देखे गए स्कूलों में सबसे बेहतर बताते हुए यहां के प्राचार्य, शिक्षकों और पूरे स्टाफ के प्रयासों की सराहना की।
परीक्षा के बीच शत-प्रतिशत उपस्थिति पर संतोष
वर्तमान में स्कूलों में त्रैमासिक परीक्षाएं चल रही हैं। निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति देखने को मिली। ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था के प्रभावी संचालन के कारण शिक्षक भी समय पर उपस्थित पाए गए। विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, अनुशासन और कक्षाओं में शिक्षण गतिविधियों को देखकर प्रमुख सचिव ने संतोष व्यक्त किया।
कस्तूरबा छात्रावास में छात्राओं से सीधे संवाद
इसके बाद डॉ. गोयल ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और छात्रावास का निरीक्षण किया। छात्राओं ने तिलक लगाकर उनका आत्मीय स्वागत किया। सचिव ने छात्रावास में उपलब्ध आवास, भोजन, अध्ययन और अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने छात्राओं और स्टाफ से सीधे बातचीत कर यह जाना कि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं है। छात्राओं से पढ़ाई और भविष्य की योजनाओं को लेकर भी संवाद किया और आवश्यक संसाधनों के संबंध में फीडबैक लिया।
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भुवनेश्वरी ने कहा-कलेक्टर बनना है
शासकीय माध्यमिक शाला जहांगीरपुर पहुंचकर सचिव ने कक्षाओं में विद्यार्थियों से संवाद किया और पढ़ाई से जुड़े सवाल पूछे। इस दौरान कक्षा सातवीं के छात्र नरेश लोधी ने भी प्रमुख सचिव से सवाल किए। वहीं छात्रा कुमारी भुवनेश्वरी लोधी से जब उसके भविष्य के लक्ष्य के बारे में पूछा गया तो उसने कलेक्टर बनने की इच्छा जताई। छात्रा की इस आकांक्षा पर डॉ. गोयल ने उसे प्रोत्साहित किया और सभी विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर लगातार मेहनत और लगन से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।
अधिकारियों और समन्वयकों से भी लिया फीडबैक
निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने विकासखंड स्त्रोत समन्वयक और विकासखंड अकादमिक समन्वयक से स्कूलों की वास्तविक स्थिति, शैक्षणिक गतिविधियों और सामने आ रही कठिनाइयों को लेकर विस्तृत फीडबैक लिया। उन्होंने विद्यार्थियों की जरूरतों को प्राथमिकता देने और स्कूलों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
शिक्षकों और अधिकारियों की थपथपाई पीठ
डॉ. गोयल ने जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने प्राचार्यों, प्रधानाध्यापकों, वार्डन, शिक्षकों और शिक्षा विभाग की टीम के काम को उत्साहजनक बताते हुए कहा कि बेहतर कार्य करने वाले शिक्षकों और अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इस दौरान उन्होंने जिले के अधिकारियों और विद्यालयीन अमले द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी सराहना की। डीपीसी सीहोर आरआर उइके ने बताया कि वे राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के जनसंवाद कार्यक्रम में बिलकिसगंज के बलौंडिया गांव में मौजूद थे। इसी दौरान स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. संजय गोयल के अचानक स्कूलों के निरीक्षण पर पहुंचने की जानकारी मिली।
2011 में सीहोर के कलेक्टर रह चुके हैं गोयल
खास बात यह रही कि डॉ. संजय गोयल वर्ष 2011 में सीहोर के कलेक्टर रह चुके हैं। जिले के प्रशासनिक और भौगोलिक परिवेश से पहले से परिचित होने के कारण उनका यह निरीक्षण शिक्षा विभाग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निरीक्षण के दौरान उनके साथ भोपाल से सचिन आशापुरा और विशाखा तिवारी भी मौजूद रहे।




















