इंदौर में हत्या का खौफनाक राज खुला! पुराने विवाद में इंदर को पीट-पीटकर मार डाला, 6 आरोपियों को उम्रकैद

इंदौर में पुराने विवाद को लेकर एक युवक की हत्या के मामले में अदालत ने छह आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। नवम अपर सत्र न्यायाधीश विवेक कुमार चंदेल की अदालत ने 9 सितंबर 2026 को थाना एरोड्रम के सत्र प्रकरण क्रमांक 433/2020 में फैसला सुनाया। दोषी ठहराए गए आरोपियों में संगीता पति गब्बर गौड़, रोहित उर्फ लालू, राजेश बौरासी, बबलू मालवीय, अजय उर्फ कालू भोई और करण उर्फ भूरी शामिल हैं। सभी को धारा 302 सहपठित धारा 149 के तहत आजीवन कारावास तथा धारा 201 के तहत सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। प्रत्येक आरोपी पर 8-8 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
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सुबह बगीचे के पास मिली थी लाश
अभियोजन के अनुसार, 24 दिसंबर 2019 की सुबह कमल तेलंग काम पर जा रहे थे। अंबिकापुरी कॉलोनी के बगीचे के पास उन्हें करीब 35-40 वर्ष के एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा दिखाई दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर एफएसएल टीम को बुलाया। जांच में मृतक के शरीर पर धारदार हथियार और मारपीट के निशान मिले। उसके मुंह और नाक पर लाल रंग का दुपट्टा बंधा था, जबकि हाथ प्लास्टिक की पट्टी से बांधे गए थे। घटनास्थल की जांच से पुलिस को शक हुआ कि हत्या कहीं और की गई और शव यहां लाकर फेंका गया। अगले दिन मृतक की पहचान 33 वर्षीय इंदर वर्मा के रूप में हुई।
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पुरानी रंजिश ने लिया खूनी रूप
मर्ग जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया। जांच के दौरान सामने आया कि इंदर की लक्ष्मी से पुरानी रंजिश थी। पूछताछ आगे बढ़ी तो संगीता और रोहित उर्फ लालू का नाम सामने आया। अभियोजन के मुताबिक, 23 दिसंबर की रात पुराने विवाद को सुलझाने के बहाने इंदर को बुलाया गया। वहां विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने डंडों और चाकू से उस पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से इंदर बेहोश होकर गिर गया। आरोपियों को जब लगा कि उसकी मौत हो चुकी है, तो उन्होंने शव ठिकाने लगाने की योजना बनाई। इसके बाद इंदर के हाथ बांधे और उसके मुंह व गले पर दुपट्टा बांध दिया।
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एक्टिवा पर रखकर शव ठिकाने लगाया
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने इंदर के शव को संगीता की एक्टिवा पर रखा। संगीता एक्टिवा चला रही थी, जबकि रोहित पीछे बैठकर शव को पकड़े हुए था। इसके बाद शव को अंबिकापुरी मेन की खाली जमीन पर फेंक दिया गया।
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क्या हुआ था 7 साल पहले --
बहन के प्रेमी से था विवाद, मौसी ने प्रेमी संग रची खूनी साजिश!--
इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र के अंबिकापुरी एक्सटेंशन में हाथ-पैर बंधे मिले रिक्शा चालक इंदर वर्मा के शव के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया था। जिसमें तत्कालीन पश्चिम एसपी अवधेश गोस्वामी के अनुसार, 24 दिसंबर को अंबिकापुरी एक्सटेंशन के खाली मैदान में रिक्शा चालक इंदर वर्मा का शव मिला था। शुरुआत में मृतक की पहचान नहीं हो पाई थी। बाद में हाथ पर गुदे नाम के आधार पर उसकी पहचान पत्नी सीता वर्मा ने प्रिकांको कॉलोनी निवासी इंदर पिता हरिराम वर्मा के रूप में की। पुलिस ने बताया था कि कुछ दिन पहले इंदर का लक्ष्मी के बेटे से विवाद हुआ था। बताया गया कि इंदर ने अपनी प्रेमिका के बेटे को नॉनवेज पार्टी से भगा दिया था। इसके बाद विवाद बढ़ा और लक्ष्मी के बेटे ने अपनी मौसी संगीता को फोन कर बुलाया था। संगीता ने भी इस विवाद में हस्तक्षेप किया था। मामले में दोनों पक्षों की ओर से मल्हारगंज थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी।
बहन के प्रेमी को सबक सिखाने की बनाई योजना
पुलिस जांच में सामने आया कि इसी विवाद के बाद संगीता ने अपनी बहन के प्रेमी इंदर को सबक सिखाने की ठान ली। उसने अपने प्रेमी रोहित उर्फ लालू को बुलाया और इंदर की पिटाई करने की योजना बनाई। इसके बाद रोहित ने अपने दोस्तों बबलू, कालू उर्फ अजय और राजेश को बुलाया। आरोप है कि सभी ने मिलकर इंदर को अपने साथ ले जाकर शराब पिलाई और उसके बाद उसके साथ जमकर मारपीट की।
जख्मी समझकर बांधे हाथ-पैर, फिर एक्टिवा पर ले गए
मारपीट के दौरान इंदर गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोपियों को लगा कि वह जख्मी है, इसलिए उसके हाथ-पैर बांध दिए। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए संगीता की एक्टिवा का इस्तेमाल किया गया। संगीता एक्टिवा चला रही थी, उसके पीछे उसका प्रेमी रोहित बैठा था और दोनों के बीच इंदर को रखा गया था। इसी तरह वे उसे लेकर खाली प्लॉट की ओर पहुंचे। पुलिस के अनुसार, वहां पहुंचने के बाद आरोपियों ने इंदर के हाथ खोल दिए, ताकि अगर वह जिंदा हो तो उसकी आवाज सुनकर कोई उसकी मदद कर सके। हालांकि तब तक इंदर की मौत हो चुकी थी। इसके बाद शव को वहीं छोड़कर आरोपी चले गए।




















