हर-हर महादेव से गूंजा सीहोर, अंतिम सोमवार को 4 लाख श्रद्धालु पहुंचे; मंगलवार को 11 किमी चलेगी भव्य कांवड़ यात्रा

सीहोर। सावन मास के अंतिम सोमवार को सीहोर का कुबेरेश्वरधाम आस्था, भक्ति और सेवा के महासागर में बदल गया। सीवन नदी के घाट से लेकर कुबेरेश्वर धाम तक हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे। करीब 4 लाख श्रद्धालुओं के धाम पहुंचने की जानकारी सामने आई है। देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ अमेरिका और ब्रिटेन सहित विदेशों से भी शिवभक्त भगवान कुबेरेश्वर महादेव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचे।
मंगलवार को सीवन तट से निकलेगी ऐतिहासिक कांवड़
मंगलवार सुबह 9 बजे सीवन नदी तट से ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा शुरू होगी। करीब 11 किलोमीटर का सफर तय करते हुए कांवड़िए कुबेरेश्वर धाम पहुंचेंगे। श्रद्धालु सीवन नदी से पवित्र जल लेकर भगवान शिव को अर्पित करेंगे। कांवड़ यात्रा को लेकर सोमवार से ही शहर और आसपास के इलाकों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी थी। इंदौर-भोपाल मार्ग पर कई बार यातायात दबाव की स्थिति बनी, जिसे पुलिस और यातायात अमले ने संभाला।
पांच क्विंटल फूलों से सजेगा बाबा का दरबार
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा के अनुसार मंगलवार को कुबेरेश्वर धाम में भगवान कुबेरेश्वर महादेव का पांच क्विंटल फूलों से विशेष श्रृंगार किया जाएगा। कांवड़िए सीवन नदी से जल लेकर धाम पहुंचेंगे, जिसके बाद पवित्र जल से भगवान शिव का महाभिषेक किया जाएगा। इस दौरान विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान भी होंगे।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने लगाया 25 क्विंटल नुक्ती का भोग
अंतिम सोमवार को कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कुबेरेश्वर धाम पहुंचकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए 25 क्विंटल नुक्ती का भोग लगाया और प्रसादी वितरित कराई। श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था और भारतीय संस्कृति का अद्भुत संगम है। कांवड़ लेकर शिव की ओर बढ़ने वाला श्रद्धालु हो या रास्ते में उसकी सेवा करने वाला सेवादार, दोनों ही भगवान शिव की सेवा कर रहे हैं।

अमेरिका-ब्रिटेन से आए शिवभक्तों ने चढ़ाया जल
कुबेरेश्वरधाम की भक्ति का आकर्षण विदेशों तक पहुंचा है। अंतिम सोमवार को अमेरिका और ब्रिटेन सहित अन्य देशों से आए एक दर्जन से अधिक शिवभक्तों ने धाम पहुंचकर भगवान शिव को एक लोटा जल अर्पित किया और विश्व कल्याण की कामना की। विठलेश सेवा समिति की ओर से पंडित विनय मिश्रा, पंडित समीर शुक्ला सहित अन्य पदाधिकारियों ने विदेशी शिवभक्तों का स्वागत किया।
100 से अधिक सेवा स्टॉल, भोजन से लेकर पेयजल तक इंतजाम
कांवड़ यात्रा में शामिल होने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए सीवन नदी घाट से कुबेरेश्वरधाम तक 100 से अधिक सेवा स्टॉल लगाए गए हैं। यहां चाय, नाश्ता, फलहारी खिचड़ी, भोजन, प्रसादी और पेयजल की व्यवस्था की गई है। पहले करीब 25 स्थानों पर सेवा चल रही थी, लेकिन भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए सेवा केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है।
मंदिरों और बड़े भवनों में भी ठहरेंगे श्रद्धालु
शहर के होटल, धर्मशाला और होम स्टे पहले से ही श्रद्धालुओं से भरे हुए हैं। अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए शहर के मंदिरों और बड़े भवनों में भी ठहरने की व्यवस्था की गई है। कुबेरेश्वरधाम परिसर में करीब दो एकड़ क्षेत्र में बनी भोजनशाला से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को भोजन-प्रसादी उपलब्ध कराई जा रही है। समाजसेवी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक भी सेवा कार्य में जुटे हैं।
गुजरात के श्रद्धालुओं ने कहा- सेवा ही महादेव की पूजा
कांवड़ मार्ग पर गुजरात से आए करीब 35 श्रद्धालुओं का दल भी सेवा में जुटा रहा। पूजा-अर्चना के बाद दल के सदस्यों ने सड़क किनारे ही भोजन तैयार किया। कड़ाही में सब्जी और पूड़ी बनाकर उन्होंने यात्रियों को प्रसादी खिलाई और स्वयं भी प्रसादी ग्रहण की। उनका कहना था कि महादेव की भक्ति केवल मंदिर में पूजा तक सीमित नहीं है। कांवड़िए की सेवा करना भी शिव आराधना है।
1200 से अधिक जवान और 10 से ज्यादा वॉच टावर
कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। कुबेरेश्वरधाम परिसर में 10 से अधिक वॉच टावर लगाए गए हैं और 1200 से ज्यादा पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। अधिकारी लगातार पार्किंग, भोजनशाला, शिला परिसर और श्रद्धालुओं की आवाजाही से जुड़ी व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।
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कलेक्टर-एसपी लगातार कर रहे मॉनिटरिंग
कलेक्टर बालागुरू के. और पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना लगातार कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी चौबीस घंटे ड्यूटी पर तैनात हैं। यात्रा मार्ग पर मेडिकल कैंप, चिकित्सक और चिकित्सा स्टाफ की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा पेयजल, पार्किंग, अस्थायी शौचालय और विद्युत व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
नदी में उतरने की जरूरत नहीं, नलों से मिलेगा सीवन का जल
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए सीवन नदी से जल लेने की व्यवस्था को भी सुरक्षित बनाया गया है। नदी में उतरने से बचाने के लिए पर्याप्त लंबी पाइपलाइन बिछाकर विभिन्न स्थानों पर नल लगाए गए हैं। श्रद्धालु सुरक्षित स्थान से ही पवित्र जल लेकर कांवड़ में भर सकेंगे और यात्रा पर आगे बढ़ेंगे।
घाट पर बैरिकेडिंग, गोताखोर और SDRF की निगरानी

पुलिस उपमहानिरीक्षक देहात भोपाल राजेश चंदेल ने पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के साथ कुबेरेश्वरधाम और सीवन नदी घाट का निरीक्षण किया। घाट पर बैरिकेडिंग, गोताखोरों की तैनाती और एसडीआरएफ टीम की सतर्कता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। धाम में प्रवेश-निकास, पार्किंग, शिला पर जल चढ़ाने की व्यवस्था और सीसीटीवी निगरानी की भी समीक्षा की गई।
24 घंटे पुलिस गश्त और कंट्रोल रूम सक्रिय
एसपी सोनाक्षी सक्सेना ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान पूरे मार्ग पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए 24 घंटे पुलिस गश्त की जाएगी। कंट्रोल रूम भी सक्रिय रहेगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्ग और सुरक्षा व्यवस्थाओं का पालन करने तथा पुलिस-प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।
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भक्ति, सेवा और सुरक्षा का संगम बनेगा मंगलवार
सीवन नदी के तट से उठने वाली कांवड़, भगवा रंग में सजे कांवड़िए, महादेव के जयकारे, रास्ते में जगह-जगह सेवा करते लोग और धाम में होने वाला जलाभिषेक-मंगलवार को सीहोर एक बार फिर आस्था के विराट उत्सव का साक्षी बनेगा। बाबा कुबेरेश्वर के दरबार में पांच क्विंटल फूलों का श्रृंगार और सीवन के पवित्र जल से महाभिषेक इस धार्मिक आयोजन को और भव्य बनाएगा। श्रद्धा के इस महासंगम में प्रशासन की व्यवस्था और सेवाभाव भी साथ-साथ दिखाई देगा।





















