नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन, मंगलवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने जोरदार हंगामा किया। विपक्ष की मांग थी कि पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर और बिहार वोटर लिस्ट में गड़बड़ी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कराई जाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं जवाब दें। हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
सदन में हंगामे के साथ ही विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में मकर द्वार के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा था बिहार में चल रहा वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)। इस प्रदर्शन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, प्रियंका गांधी, RJD सांसद मनोज झा सहित कई अन्य नेता शामिल हुए। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनने की साजिश रची जा रही है।
बिहार SIR प्रक्रिया पर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “वे लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं। हम बार-बार बोल रहे हैं कि यह प्रक्रिया गलत है। यह सिर्फ एक प्रशासनिक काम नहीं, बल्कि एक लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है।”
राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि बिहार में मतदाता को ही संदिग्ध बना दिया गया है। उन्होंने कहा, “जब लोकतंत्र में मतदाता महफूज नहीं रहेगा, तो लोकतंत्र कैसे बचेगा? चुनाव आयोग को इस पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।”
उधर, विपक्षी दलों के गठबंधन I.N.D.I.A. ने भी सत्र के आगे की रणनीति को लेकर अलग बैठक की। इसमें यह तय किया गया कि वे वोटर लिस्ट के मुद्दे के साथ-साथ सुरक्षा संबंधी विषयों को भी सदन में उठाएंगे।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद राज्यसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की महत्वपूर्ण बैठक आज शाम 5:30 बजे होगी। बैठक की अध्यक्षता उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह करेंगे। यह बैठक तय करेगी कि अब मानसून सत्र में राज्यसभा की कार्यवाही कैसे और किस एजेंडे के साथ आगे बढ़ेगी।
मानसून सत्र 21 जुलाई से 21 अगस्त तक चलेगा, जिसमें कुल 18 बैठकें निर्धारित की गई हैं। इस दौरान केंद्र सरकार 8 नए विधेयक पेश करेगी और 7 लंबित बिलों पर चर्चा होगी। इनमें मणिपुर GST संशोधन बिल 2025, इनकम टैक्स बिल, और नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल जैसे अहम विधेयक शामिल हैं।
सत्र के पहले दिन नए इनकम टैक्स बिल पर बनी संसद समिति की रिपोर्ट लोकसभा में रखी गई। यह बिल 1961 के इनकम टैक्स एक्ट को रिप्लेस करेगा। 622 पन्नों वाले इस विधेयक पर समिति ने 285 सुझाव दिए हैं।