Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

महापरिनिर्वाण दिवस :न्याय, समानता और शिक्षा के प्रेरणास्तंभ डॉ. आंबेडकर को नमन

डॉ. भीमराव आंबेडकर ने शिक्षा, समानता और न्याय की दिशा में जीवनभर संघर्ष किया। संविधान निर्माता के रूप में उन्होंने मानव अधिकारों की नींव रखी।
Follow on Google News
न्याय, समानता और शिक्षा के प्रेरणास्तंभ डॉ. आंबेडकर को नमन
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    आज महापरिनिर्वाण दिवस पर पूरा देश भारत के संविधान निर्माता और समाज सुधारक डॉ. भीमराव आंबेडकर को श्रद्धांजलि दे रहा है। बाबा साहेब ने अपने जीवन में कठिन संघर्षों का सामना किया इतना ही नहीं समानता, शिक्षा और मानव अधिकारों के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया।

    एक प्रेरक सफर: जन्म से संघर्ष तक

    भीमराव आंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू में हुआ था। जन्म से दलित होने के कारण उन्हें समाज में भेदभाव और अपमान का सामना करना पड़ा। स्कूल में उन्हें क्लासरूम के अंदर बैठने की अनुमति नहीं थी और पानी तक अलग से दिया जाता था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।

    शिक्षा बनी सबसे बड़ी ताकत

    बाबा साहेब ने कड़ी मेहनत और लगन से पढ़ाई की। उन्हें अमेरिका की कोलंबिया यूनिवर्सिटी और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स जैसी दुनिया की बड़ी यूनिवर्सिटीज से डिग्री मिली। यह उस दौर में किसी भारतीय दलित के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि थी।

    संविधान निर्माता और समाज सुधारक

    भारत की आजादी के बाद उन्हें संविधान निर्माण समिति का अध्यक्ष बनाया गया। उन्होंने ऐसा संविधान बनाया जिसमें समानता, आजादी, न्याय और भाईचारा हर नागरिक का अधिकार बना। उन्होंने छुआछूत, जातिवाद और अन्याय के खिलाफ बड़ी लड़ाई लड़ी।

    ये भी पढ़ें: रसगुल्ले ने रुकवाई शादी! दूल्हा-दुल्हन के परिवारों में जमकर चलीं कुर्सियां

    अंतिम यात्रा और महान संदेश

    6 दिसंबर 1956 को बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ने दुनिया को अलविदा कहा। अपने अंतिम समय में उन्होंने बौद्ध धर्म अपनाया और लाखों लोगों को भी समानता और मानवता के रास्ते पर चलने की प्रेरणा दी। महापरिनिर्वाण दिवस केवल उनके निधन का स्मरण नहीं, बल्कि उनके विचारों, संघर्ष और मानव अधिकारों के लिए किए गए महान कार्यों को याद करने का अवसर है। आज उनका संदेश हमें एकजुट होकर समान समाज बनाने की प्रेरणा देता है।

    ये भी पढ़ें: बोलीं- नेहरू को बदनाम करने की कोशिश कर रही सरकार, तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे इतिहास

    प्रेरणा का संदेश

    बाबा साहेब का जीवन हमें सिखाता है। शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो। उनकी सोच आज भी हर उस व्यक्ति को प्रेरणा देती है जो सपने देखता है और उन्हें पूरा करने का साहस रखता है।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

    Latest Posts