इंस्टाग्राम पर कंटेंट ब्लॉक होने से सौरव दास नाराज, मोदी सरकार पर भी लगाया आरोप, क्या है कहानी?

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया कंपनी मेटा पर उनकी इंस्टाग्राम पोस्ट को लगातार ब्लॉक करने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि उनके सोशल मीडिया अकाउंट को निशाना बनाया जा रहा है और इसकी वजह से उनके अकाउंट की पहुंच भी कम हो रही है। सौरव दास ने इस मामले को लेकर मोदी सरकार पर भी निशाना साधा और सोशल मीडिया कंपनियों से सरकार के दबाव में नहीं आने की अपील की।
इंस्टाग्राम पोस्ट ब्लॉक होने पर उठाए सवाल
सौरव दास ने शनिवार, 12 सितंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर अपनी शिकायत सामने रखी। उन्होंने कहा कि उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स को लगातार टारगेट किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि उनके और अक्षत त्रिपाठी के साथ बनाए गए एक वीडियो की रिपोर्ट किसी नय्यर गितेश नाम के व्यक्ति ने की। सौरव के मुताबिक, इसके बाद इंस्टाग्राम ने उनके कंटेंट पर कार्रवाई की। सौरव दास ने अपनी पोस्ट में अक्षत त्रिपाठी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अक्षत 20 साल का छात्र है और उसके मामले में ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की ओर से 5 लाख रुपये का बेल बॉन्ड जारी किया गया था।
'क्या मेटा में कोई जांच-पड़ताल नहीं होती?'
सौरव दास ने सोशल मीडिया कंपनी मेटा की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि किसी व्यक्ति की शिकायत के आधार पर कंटेंट को ब्लॉक करने से पहले क्या उसकी ठीक से जांच नहीं की जाती? उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी पोस्ट की शिकायत की जाती है, तो क्या मेटा यह पता करता है कि शिकायत सही है या नहीं? उनका दावा है कि लगातार कंटेंट ब्लॉक होने के कारण उनके अकाउंट की पहुंच प्रभावित हो रही है। सौरव ने सोशल मीडिया कंपनियों से इस मामले में पारदर्शिता बरतने की अपील की है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आखिर किस आधार पर किसी पोस्ट को ब्लॉक किया जाता है और किसी अकाउंट की रीच कम होने की वजह क्या होती है।
स्क्रीनशॉट शेयर कर दिखाई ब्लॉक की गई पोस्ट
सौरव दास ने अपनी एक्स पोस्ट के साथ अपने अकाउंट का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया। स्क्रीनशॉट में कॉपीराइट उल्लंघन से जुड़ा नोटिस दिखाई दे रहा है। इसमें बताया गया है कि उनका कंटेंट ब्लॉक कर दिया गया है। सौरव के अनुसार, 10 सितंबर को इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए उनके कंटेंट पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने इस कार्रवाई को लेकर मेटा से सवाल किए और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की कंटेंट मॉडरेशन प्रक्रिया पर चिंता जताई।
मोदी सरकार पर भी साधा निशाना
सौरव दास ने इस पूरे मामले को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया कंपनियों से अपील करते हुए कहा कि उन्हें किसी भी तरह के सरकारी दबाव में नहीं आना चाहिए। उनका कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को अपनी नीतियों के अनुसार स्वतंत्र रूप से काम करना चाहिए। उन्होंने कंपनियों से यह भी अपील की कि किसी भी अकाउंट या पोस्ट के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले पूरे मामले की जांच की जाए। हालांकि, सौरव दास की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर मेटा या केंद्र सरकार की ओर से इस खबर के लिखे जाने तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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कौन हैं सौरव दास?
सौरव दास कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता हैं। उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, वह दिल्ली के रहने वाले हैं और खोजी पत्रकार के तौर पर भी काम कर चुके हैं। सौरव ने जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। उनके अनुसार, उन्होंने महज 18 साल की उम्र में साल 2017 में सूचना का अधिकार यानी आरटीआई कानून का इस्तेमाल करना शुरू किया था। उन्होंने आरटीआई के जरिए अलग-अलग मामलों से जुड़ी जानकारियां जुटाईं और कई मुद्दों को सार्वजनिक रूप से उठाया।
2020 से पेशेवर पत्रकारिता में सक्रिय
सौरव दास के मुताबिक, उन्होंने साल 2020 में पेशेवर पत्रकार के रूप में लिखना शुरू किया। इस दौरान उन्होंने कानून, शासन व्यवस्था, न्यायपालिका, अपराध और संस्थागत पारदर्शिता जैसे विषयों पर काम किया। उनके लेख कई चर्चित मीडिया संस्थानों में प्रकाशित होने का दावा किया गया है। इनमें द कारवां, अल जजीरा, द वायर और द हिंदू जैसे नाम शामिल हैं। सौरव की पहचान मुख्य रूप से खोजी पत्रकारिता और सार्वजनिक संस्थानों से जुड़े मुद्दे उठाने वाले लेखक के तौर पर रही है।



















