पासपोर्ट बदला, देश बदले, ठिकाने बदले... फिर भी पुलिस से नहीं बच सका अमृत डालम

जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़े वांटेड गैंगस्टर अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत डालम को मोल्दोवा से भारत लाया गया है। पंजाब पुलिस ने उसे मोल्दोवा में गिरफ्तारी के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर भारत वापस लाया। अमृत डालम अक्टूबर 2024 में गुरपाल सिंह के नाम से बने फर्जी पासपोर्ट के जरिए भारत से फरार हुआ था। इसके बाद वह यूएई, जॉर्जिया और आर्मेनिया होते हुए मोल्दोवा पहुंचा था। पुलिस से बचने के लिए अमृत डालम लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था। मोल्दोवा से वह यूक्रेन जाने की कोशिश कर रहा था। वह एयरपोर्ट तक पहुंच गया था, लेकिन वहां से निकल गया। बाद में 24 फरवरी 2026 को मोल्दोवा के अधिकारियों ने उसे ओटासी बॉर्डर पर पकड़ लिया।
छह महीने तक चला प्रत्यर्पण ऑपरेशन
अमृत डालम को भारत लाने के लिए पंजाब पुलिस ने करीब छह महीने तक 'ऑपरेशन ईस्टर्न रीच' चलाया। इस दौरान केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर मोल्दोवा में उसके प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। 26 मई 2026 को मोल्दोवा की अदालत ने अमृत डालम के भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी। हालांकि, उसने इस फैसले के खिलाफ अपील की थी। जुलाई 2026 में उसकी अपील भी खारिज हो गई। इसके बाद पंजाब पुलिस की चार सदस्यीय टीम मोल्दोवा पहुंची। 11 सितंबर को पंजाब पुलिस की टीम ने अमृत डालम को अपनी हिरासत में लिया और उसे भारत लेकर आई। पंजाब पुलिस के मुताबिक, किसी यूरोपीय देश से कराया गया यह उसका पहला सफल प्रत्यर्पण है।
क्या होता है प्रत्यर्पण?
प्रत्यर्पण का मतलब है किसी दूसरे देश में पकड़े गए आरोपी को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उस देश को सौंपना, जहां उसके खिलाफ मामले दर्ज हैं। यानी अगर कोई आरोपी किसी दूसरे देश में फरार हो जाता है और वहां पकड़ा जाता है, तो संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे उसके देश वापस भेजा जाता है।
अमृत डालम पर 21 मामले दर्ज
भारत लाए गए अमृत डालम के खिलाफ कुल 21 मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, आर्म्स एक्ट, यूएपीए, एनडीपीएस और विस्फोटक कानून से जुड़े मामले शामिल हैं। पंजाब पुलिस के मुताबिक, इनमें से चार मामलों में ट्रायल चल रहा है, जबकि 17 मामलों की जांच अभी जारी है। ये मामले बटाला, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर और लुधियाना में दर्ज हैं। भारत पहुंचने के बाद अब पंजाब पुलिस इन मामलों को लेकर अमृत डालम से पूछताछ करेगी। पुलिस उसकी गतिविधियों और उसके खिलाफ दर्ज मामलों से जुड़े पहलुओं की जांच आगे बढ़ाएगी।
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कई एजेंसियों ने किया सहयोग
अमृत डालम के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में पंजाब पुलिस के साथ कई केंद्रीय एजेंसियां भी शामिल रहीं। पंजाब पुलिस ने मोल्दोवा के अधिकारियों के सहयोग के लिए उनका आभार जताया है। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, सीबीआई की इंटरपोल यूनिट और अन्य एजेंसियों ने भी इस कार्रवाई में सहयोग किया। पंजाब पुलिस के मुताबिक, मोल्दोवा से अमृत डालम को भारत लाना लंबे समय तक चले ऑपरेशन का नतीजा है।




















